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ASI Survey : काशी विश्वनाथ मंदिर की तरह नागर शैली में बना है ज्ञानवापी, तीन रहस्यों से पर्दा उठना अभी बाकी!

Sun, 28 Jan 2024 05:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 28 Jan 2024 05:41 AM IST
सार

इसी शैली से काशी विश्वनाथ मंदिर भी बना है। अयोध्या में रामलला का मंदिर भी पहले नागर शैली से बना था। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, ज्ञानवापी भी भव्य हिंदू मंदिर था।

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Gyanvapi is built in Nagara style like Kashi Vishwanath temple.
Gyanvapi Case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट में ज्ञानवापी को नागर शैली का मंदिर बताया गया है। इसी शैली से काशी विश्वनाथ मंदिर भी बना है। अयोध्या में रामलला का मंदिर भी पहले नागर शैली से बना था। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, ज्ञानवापी भी भव्य हिंदू मंदिर था। मंदिर का ढांचा हूबहू अयोध्या में बने राम मंदिर से मिल रह है। प्रवेश द्वार के बाद दो मंडप और गर्भगृह की परिकल्पना की गई है। नागर शैली में ही बने अयोध्या के रामलला के मंदिर में भी प्रवेश के बाद मंडप और सबसे अंतिम छोर पर गर्भगृह स्थापित है। ज्ञानवापी में पूर्वी दीवार के आगे भी मंदिर की संभावना जताई जा रही है। हालांकि पूर्वी दीवार बंद होने के चलते उसके आगे का सर्वे एएसआई की टीम नहीं कर सकी है ।

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एएसआई की रिपोर्ट में मंदिर के चार खंभों से ढांचे तक की परिकल्पना बताई गई है। हालांकि एएसआई ने ज्ञानवापी में स्थापित मंदिर का नक्शा नहीं बनाया है, मगर उनकी रिपोर्ट में जिस भव्य मंदिर स्थापत्य कला की नागर शैली के मंदिर को बताया गया है, उसमें प्रवेश, मंडप और गर्भगृह का जिक्र है। मुख्य मंदिर के आसपास भी कुछ मंदिरों के स्थापित होने की रिपोर्ट है। इसी तरह अयोध्या में मुख्य मंदिर के पास दो मंदिर हैं और यहां अन्य देवी-देवताओं का स्थान नियत किया गया है।
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जेम्स प्रिंसेप की थ्योरी से अलग है एएसआई की रिपोर्ट
19वीं सदी में ईस्ट इंडिया कंपनी के टकसाल के अधिकारी जेम्स प्रिंसेप ने अपनी किताब में ज्ञानवापी के मंदिर होने का दावा किया था। बनारस इलस्ट्रेटेड पुस्तक में विश्वेश्वर मंदिर का नक्शा भी प्रकाशित किया है। किताब में जेम्स प्रिंसेप ने जानकारी को सबूतों के साथ पेश करने के लिए लिथोग्राफी तकनीक का इस्तेमाल किया था। मगर, एएसआई की रिपोर्ट में तैयार मंदिर जेम्स प्रिंसेप के नक्शे से अलग है। जेम्स प्रिंसेप के नक्शे के हिसाब से 124 फिट का चौकोर मंदिर था और इसके चारों कोनों पर मंडप था। बीच में एक विशाल-सा गर्भगृह है, जिसे नक्शे में मंडपम बताया गया। एएसआई ने भी गर्भगृह और मंडपम वाले हिस्से को उकेरा है, मगर यहां विशाल मंदिर का दावा है।
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तीन रहस्यों से पर्दा उठाने की भी मांग करेगा हिंदू पक्ष
एएसआई की रिपोर्ट में तीन रहस्य सामने आए हैं। अब हिंदू पक्ष इन रहस्यों से पर्दा उठाने की मांग करेगा। दरअसल, एएसआई ने बताया कि पूर्वी दीवार को बंद कर दिया गया है। यहां कुआं मिला है। सील वजूखाने वादी महिलाओं मंजू व्यास, रेखा पाठक, लक्ष्मी देवी और सीता साहू का कहना है कि पूर्वी दीवार क्यों बंद है, यह जानना बेहद जरूरी है। जो कुआं मिला है, उसकी क्या मान्यता है और वहां क्या है। इनके साथ ही वजूखाने का एएसआई सर्वे की मांग अदालत में की जाएगी।


उठ सकती है खोदाई की मांग
एएसआई के सूत्रों ने बताया कि कई जगहों पर खोदाई की जरूरत महसूस की गई, मगर न्यायालय की रोक के चलते ऐसा नहीं किया गया। यही कारण है कि रिपोर्ट में पूर्वी दीवार, कुआं सहित अन्य स्थानों का विवरण देने की बजाय संसाधनों के अभाव का जिक्र किया गया है। उधर, हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी का कहना है कि हम न्यायालय में खोदाई के जरिये जांच की भी मांग करेंगे।

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