फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gyanvapi Hearing on application to change seal of washroom next date is 20 november

Gyanvapi: वजूखाना के सील कपड़ा बदलने की अर्जी पर सुनवाई, अगली तिथि 20 नवंबर को; जानिए पूरी बात

Mon, 10 Nov 2025 06:54 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 10 Nov 2025 06:54 PM IST
सार

Varanasi News: अंजुमन इंतजामिया की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी कि अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। कोर्ट का यह आदेश है कि निचली अदालत इस मामले में अपना कोई आदेश नहीं दे सकती है।

विज्ञापन
Gyanvapi Hearing on application to change seal of washroom next date is 20 november
वाराणसी कोर्ट। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी के सील वजूखाने के ताले पर लगे कपड़े को बदलने वाली अर्जी पर सोमवार को जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत में सुनवाई हुई। इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 नवंबर को तिथि तय की गई। कथित वजूखाने में बंद ताले पर कपड़े बदलने वाले पॉइंट पर आज सुनवाई हुई थी।

विज्ञापन


अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई कि पूजा स्थल उपबंध विधेयक 1991 के विषय में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई लंबित है। सुप्रीम कोर्ट ने 12 दिसंबर 2024 को अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि जब तक इस अधिनियम पर सुनवाई जारी है, तब तक निचली अदालत इस विषय से नया मुकदमा दर्ज नहीं करेगी।
विज्ञापन


इसके साथ ही कोई ऐसा आदेश पारित नहीं करेगी, जिससे सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्रवाई प्रभावित हो। इस मामले में अब वाराणसी कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 20 नवंबर को तय की।

विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) भावना भारती की अदालत में बीते सोमवार को भी ज्ञानवापी से जुड़े वर्ष 1991 के पुराने मुकदमे की सुनवाई हुई थी। अदालत ने दोनों पक्षों की अर्जियों पर सुनवाई की और आदेश सुरक्षित कर लिया था। इस मामले में सात नवंबर को आदेश आने की बात कही गई थी। बेटियों ने पक्षकार बनने की अर्जी भी लगाई है।

पुराने मुकदमे के वादी रहे स्वर्गीय हरिहर पांडेय की बेटियों की तरफ से वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी से संबंधित दो दस्तावेज मांगे गए थे। इसमें एक दस्तावेज हाईकोर्ट में दाखिल याचिका और दूसरा सत्र न्यायालय में दाखिल निगरानी अर्जी से संबंधित है।

इसे मुकदमे की पत्रावली में शामिल करने की मांग की गई थी। वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने इन दस्तावेजों को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई। इससे पहले अदालत वादमित्र को पद से हटाने संबंधी प्रार्थना पत्र खारिज कर चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed