{"_id":"671870edd9f6ff4e9b0b4f7f","slug":"gyanvapi-case-muslim-argument-wazukhana-is-sealed-asi-not-conduct-survey-hearing-held-on-8-november-2024-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gyanvapi : मुस्लिम पक्ष की दलील... सील है वजूखाना क्षेत्र, नहीं कर सकते एएसआई सर्वे; अब इस दिन होगी सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gyanvapi : मुस्लिम पक्ष की दलील... सील है वजूखाना क्षेत्र, नहीं कर सकते एएसआई सर्वे; अब इस दिन होगी सुनवाई
Wed, 23 Oct 2024 09:13 AM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Wed, 23 Oct 2024 09:13 AM IST
सार
Varanasi News : ज्ञानवापी के वजूखाने में एएसआई सर्वे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अब मामले की सुनवाई आठ नवंबर को होगी।
विज्ञापन
Gyanvapi Case
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने को ज्ञानवापी स्थित वजूखाने की एएसआई सर्वे की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। हिंदू पक्ष ने दलील दी कि विवादित स्थल के धार्मिक चरित्र के निर्धारण के लिए वजूखाने का एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) सर्वे आवश्यक है।
विज्ञापन
वहीं, मुस्लिम पक्ष ने दलील दी कि वजूखाना क्षेत्र सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सील किया गया है। इसका सर्वे नहीं किया जा सकता। अब मामले की अगली सुनवाई आठ नवंबर को होगी।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की अदालत राखी सिंह की ओर से दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही है। याची राखी सिंह की ओर से जिला अदालत में वजूखाने की सर्वे के लिए अर्जी दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान जिला अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के कारण अर्जी में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया था। इस आदेश को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
विज्ञापन
याची के वकील ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान दलील दी कि ज्ञानवापी परिसर की तरह वजूखाने का भी एएसआई सर्वे किया जाना चाहिए। यह भी दलील दी कि लक्ष्मी देवी की याचिका से यह याचिका भिन्न है। लक्ष्मी देवी मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश इसमें लागू नहीं होगा। वहीं, मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता ने एएसआई सर्वे की मांग का विरोध किया। दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने पूरे क्षेत्र को सील किया है। ऐसे में यह याचिका पोषणीय नहीं है।