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Gyanvapi ASI Survey: ज्ञानवापी गुंबदों की शुरुआती बनावट की जानकारी ली, थ्रीडी मैपिंग भी कराई गई

Tue, 08 Aug 2023 07:22 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क,अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Tue, 08 Aug 2023 07:22 AM IST
सार

एएसआई सर्वे के पांचवें दिन परिसर के जमीन के ऊपरी सतह की जांच पूरी कर ली गई। एक-एक बिंदु को रिकाॅर्ड में दर्ज किया गया। परिसर में हुए निर्माण की बनावट, कलाकृतियां आदि की जांच की जा रही है।

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Gyanvapi ASI Survey: Took information about the initial structure of Gyanvapi domes, 3D mapping was also done
एएसआई की टीम परिसर से बाहर आई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एएसआई की टीम ने ज्ञानवापी के गुंबदों की शुरुआती बनावट व निर्माण की जानकारी ली है। गुंबदों की थ्रीडी मैपिंग कराई गई। कंगूरों (गुंबद के ऊपरी हिस्से) की प्राचीनता का वैज्ञानिक विधि से अध्ययन किया गया। दीवार और गुंबद के बीच निर्माण में समानता नहीं मिली है। इसकी थ्रीडी मैपिंग, फोटो व वीडियोग्राफी कराई गई। जांच के लिए डायल टेस्ट इंडिकेटर लगाया गया। इसके जरिये निर्माण की एकरूपता और सतह का मिलान किया गया है।

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ज्ञानवापी परिसर में सोमवार को 58 सदस्यीय टीम दाखिल हुई और अंदर चार अलग अलग टीमों के रूप में हिस्सों में बंटकर अध्ययन किया। सूत्रों के मुताबिक तीनों गुंबद के अंदर और दीवारों के अंदर बनी कलाकृति, धार्मिक चिन्हों और बनावटों की जांच के लिए कांबिनेशन सेंट वर्नियर बैवल प्रोट्रेक्टर मशीन का उपयोग किया गया। इससे मिले आंकड़ों को टोपोग्राफी शीट पर उतारा गया। टोपोग्राफी शीट के हिसाब से एएसआई की टीम अध्ययन को आगे बढ़ाएगी।

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Gyanvapi ASI Survey: Took information about the initial structure of Gyanvapi domes, 3D mapping was also done
सर्वे पूरा करके बाहर जाती एएसआई की टीम - फोटो : अमर उजाला

एएसआई सर्वे के पांचवें दिन परिसर के जमीन के ऊपरी सतह की जांच पूरी कर ली गई। एक-एक बिंदु को रिकाॅर्ड में दर्ज किया गया। परिसर में हुए निर्माण की बनावट, कलाकृतियां आदि की जांच की जा रही है। एएसआई टीम तैयार किए नक्शे के आधार पर इन मापों को रिकॉर्ड में दर्ज किया है। अब इमारत की नींव का इतिहास खंगाला जाएगा।

कल से शुरू हो सकता है जीपीआर सर्वे

सातवें दिन यानी बुधवार से ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) तकनीक से सर्वे शुरू हो सकता है। आईआईटी कानपुर की विशेषज्ञों की टीम बुधवार की रात तक वाराणसी पहुंच सकती है। एएसआई ने आईआईटी कानपुर से ज्ञानवापी सर्वे में मदद मांगी है। आईआईटी के पास आधुनिक रडार है। रडार सर्वे में ज्ञानवापी परिसर का नए सिरे से अध्ययन किया जाएगा। जीपीआर की मदद से खोदाई के बगैर जमीन के नीचे का सच जाना जा सकता है।

 

एएसआई के अपर महानिदेशक दिल्ली लौटे

पांच दिन तक सर्वे की कार्रवाई सफलता पूर्वक आगे बढ़ी है। सोमवार को एएसआई के अपर महानिदेशक डाॅ. आलोक त्रिपाठी दिल्ली रवाना हो गए। वह दिल्ली में प्रस्तावित एक अहम बैठक में शामिल होंगे, फिर काशी लौटेंगे। अब तक हुए सर्वे की जानकारी आला अधिकारियों को देंगे।

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