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कालीन और दरी पर जीएसटी की चर्चा से पूर्वांचल के उद्यमी परेशान
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 30 May 2017 02:16 PM IST
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पूर्वांचल निर्यातक संघ के कार्यालय में संघ के पूर्व अध्यक्ष हर्षद तन्ना ने कहा कि हाथ से बने उत्पादों कालीन और दरी पर जीएसटी लगाने की चर्चा है। इससे कालीन और दरी निर्यातकाें में चिंता हैं। यह जानकारी उन्होंने सोमवार को नदेसर स्थित संघ के कार्यालय में पत्रकारों को दी।
उन्होंने कहा कि संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कालीन और दरी पर जीएसटी की स्थिति को स्पष्ट करने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दिनों जारी वस्तुओं की लिस्ट में हैंडलूम को जीएसटी से बाहर दर्शाया गया है।
लेकिन जो अंदर से जानकारी मिली है उसमें जीएसटी काउंसिल ने कालीन और दरी पर 12 फीसदी जीएसटी की संस्तुति की है। संघ के पदाधिकारी जुनैद अंसारी ने कहा कि कालीन का 95 फ ीसदी निर्यात होता है। यदि इस पर जीएसटी लागू हुई तो विदेशों में मिल रही छूट पर भी प्रभाव पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कालीन और दरी पर जीएसटी की स्थिति को स्पष्ट करने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दिनों जारी वस्तुओं की लिस्ट में हैंडलूम को जीएसटी से बाहर दर्शाया गया है।
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लेकिन जो अंदर से जानकारी मिली है उसमें जीएसटी काउंसिल ने कालीन और दरी पर 12 फीसदी जीएसटी की संस्तुति की है। संघ के पदाधिकारी जुनैद अंसारी ने कहा कि कालीन का 95 फ ीसदी निर्यात होता है। यदि इस पर जीएसटी लागू हुई तो विदेशों में मिल रही छूट पर भी प्रभाव पड़ेगा।
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