हीरोइन बनने भागीं सहेलियां पुलिस ने पकड़ीं: नंबर कम आने पर डांट पड़ने से हुईं थी आहत, मुंबई जाने का था प्लान
बिहार की रहने वाली पांच किशोरियां घर से हो गई थीं फरार।
वाराणसी के कैंट स्टेशन पर चेकिंग के दौरान जीआरपी ने उन्हें पकड़ लिया।
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बिहार की रहने वाली पांच किशोरियां भोजपुरी फिल्म में हीरोइन बनने के लिए घर से भाग निकलीं। वाराणसी के कैंट स्टेशन पर चेकिंग के दौरान जीआरपी ने उन्हें पकड़ लिया। जीआरपी ने सभी किशोरियों को परिवार को सौंप दिया। पूछताछ के दौरान छात्राओं ने बताया कि हाईस्कूल में नंबर कम आने पर डांट पड़ी थी। इसके बाद यह फैसला किया कि मुंबई में जाकर भोजपुरी फिल्मों में काम करके करियर बनाना है।
जीआरपी इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने बताया कि पांचों नाबालिग छात्राएं भभुआ स्थित रामगढ़ (बिहार) की रहने वाली हैं। पूर्वा एक्सप्रेस से कैंट स्टेशन उतरीं। सभी इधर-उधर भटक रही थीं। आरपीएफ की महिला कांस्टेबल सुमन की निगाह पड़ी तो उन्हें टोका। संदेह होने पर इसकी सूचना जीआरपी को दी।
पांचों को पकड़ कर थाने लाया गया। पूछताछ के बाद उन्हें घरवालों को सुपुर्द कर दिया। सभी ने पूछताछ में बताया कि बिहार बोर्ड की परीक्षा में कम नंबर आने के कारण घरवालों ने उन्हें खूब डांटा था। जिससे आहत पांचों ने घर से भागकर मुंबई जाने का फैसला किया। जहां उन्हें भोजपुरी फिल्म में काम मिलने की उम्मीद थी।
बच्चों की निगरानी रखें अभिभावक
जीआरपी की टीम ने अभिभावकों को जागरूक किया। उन्होंने कहा है कि अभिभावक बच्चों को मोबाइल दे रहे हैं तो इस पर भी ध्यान दें कि बच्चा उसका किस तरह प्रयोग कर रहा है। अभिभावक के लिए बहुत जरूरी है कि बच्चों से संपर्क बनाकर रखें। उनसे जाने वह क्या सोच रहे हैं, उनके दिमाग में क्या चल रहा है।
आरपीएफ की महिला कांस्टेबल सुमन ने बच्चों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय सतर्क रहें, सोशल मीडिया के माध्यम से यदि कोई व्यक्ति उनसे संपर्क कर कहीं बुलाता है तो इसकी सूचना अपने अभिभावक को अवश्य दें। कोई भी अपराधी बच्चों का गलत इस्तेमाल कर सकता है। उन्हें गलत कार्यों में लगा सकता है। बच्चों के मन में क्या चल रहा है, उसे अपने माता पिता से अवश्य बताएं।