Varanasi: दर्शन का अधिकार न छीने सरकार, काशी विश्वनाथ मंदिर में बढ़े टिकट शुल्क पर अखिलेश यादव का तंज
पूर्व मुख्यमंत्री व सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बढ़ाए गए शुल्क को वापस लेने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है।
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इस बार सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर आने वाले भक्तों को विभिन्न आरती, सुगम दर्शन, अभिषेक और शृंगार के लिए ज्यादा शुल्क देना होगा। सावन के सोमवार को लेकर मंगला आरती के टिकट चार गुना महंगे कर दिए गए हैं। 500 रुपये में मिलने वाली मंगला आरती के टिकट का शुल्क दो हजार कर दिया गया है।
इसके अलावा सुगम दर्शन, रुद्राभिषेक, संन्यासी भोग और सावन के शृंगार का शुल्क भी बढ़ाया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री व सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मंदिर प्रशासन के इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने शुल्क वृद्धि के फैसले के वापस लेने की अपील की है। वहीं इस मामले को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला भी बोला है।
उन्होंने रविवार को ट्वीट किया- 'भाजपा सरकार से आग्रह है कि 'बाबा विश्वनाथ जी' के दर्शन पर शुल्क लगाकर गरीबों, सच्चे भक्तों, व आम जनता से 'दर्शन का अधिकार' न छीने। भाजपा ने धर्म को व्यापार बना लिया है। नींदनीय!'
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अजय राय बोले- धर्म को व्यवसाय से जोड़ना उचित नहीं
कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बढ़ाए गए शुल्क को वापस लेने की मांग की है। प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि धर्म को व्यवसाय से जोड़ना उचित नहीं है। अभी तक बाबा का दरबार सबके लिए एक समान था। बिना किसी बड़े छोटे के भेदभाव सभी एक साथ बाबा का दर्शन पूजन करते थे। उन्होंने मांग की कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट ने सावन में दर्शन पूजन के लिए जो नए शुल्क लागू किए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त करें।
सुगम दर्शन के लिए 500 रुपये, मंगला आरती के लिए एक हजार
हर वर्ष की तरह इस बार भी सावन मास में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने सुगम दर्शन के साथ साथ अन्य प्रकार के पूजन के लिए ली जाने वाली राशि में वृद्धि की है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि सावन में सुगम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को 500 रुपये, मंगला आरती के लिए एक हजार, मध्याह्न भोग आरती के लिए 500 रुपये, सप्तर्षि आरती के लिए 500, भोग आरती के लिए 500 रुपये देने होंगे।
इसी तरह एक शास्त्री से रुद्राभिषेक कराने के लिए 700, पांच शास्त्री से रुद्राभिषेक के लिए 2100 रुपये, संन्यासी भोग के लिए 4500 रुपये शुल्क निर्धारित किए गए हैं। वहीं सावन के सोमवार पर सुगम दर्शन के लिए 750 रुपये, मंगला आरती के लिए 2000 रुपये, पांच शास्त्री से रुद्राभिषेक के लिए 3000 रुपये, संन्यासी भोग के लिए 7500 रुपये और श्रृंगार के लिए 20 हजार रुपये शुल्क देने होंगे।