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अत्यधिक स्नान से बीमार हुए भगवान जगन्नाथ, लगाया गया औषधीय काढ़े का भोग
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 11 Jun 2017 01:24 PM IST
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परवल के जूस के भोग से 24 जून को स्वस्थ होंगे बाबा जगन्नाथ
- फोटो : अमर उजाला
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भक्तों के प्रेम में अत्यधिक स्नान करने से बीमार पड़े भगवान जगन्नाथ को स्वस्थ करने के जतन शनिवार से शुरू हो गए। बाबा की बीमारी की वजह से घंटे-घड़ियाल मंदिर में नहीं बजे। आरती नहीं हुई। अलबत्ता बाबा को स्वस्थ करने के लिए सुबह औषधीय काढ़े का भोग लगाया गया।
काढ़े का प्रसाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की मंदिर परिसर में भीड़ लगी रही। पखवारे भर अब बाबा को काढ़े का भोग अर्पित किया जाएगा। 24 जून को परवल के जूस के भोग से बाबा स्वस्थ होकर तीन दिवसीय सैर -सपाटे पर निकलेंगे। इसी के साथ तीन दिवसीय रथयात्रा का लक्खा मेला आरंभ हो जाएगा।
अत्यधिक जलाभिषेक से बीमार भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं के कपाट पखवारे भर के बंद कर दिए गए हैं। शनिवार को भगवान को काली मिर्च, लवंग, छोटी इलायची, बड़ी इलायची, जायफल, खांडसारी, तुलसी दल से बने काढ़े का भोग लगाया गया।
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ट्रस्ट श्रीजगन्नाथ जी के सचिव आलोक शापुरी, दीपक शापुरी ने बताया कि 24 जून को भगवान परवल का काढ़े के भोग से स्वस्थ होकर शाम पांच बजे दर्शन देंगे। सुसज्जित डोली पर भगवान की सपरिवार झांकी निकाली जाएगी।
वहां से प्रतिमाओं को श्रद्धालु पालकी पर लेकर रथयात्रा स्थित बेनीराम के बाग में पहुंचेंगे। उधर, सिगरा के शहीद उद्यान से उसी दिन अश्व रथ रथयात्रा चोौराहे पर लाया जाएगा। रात में शृंगार के बाद भगवान के विग्रहों को रथारूढ़ किया जाएगा। 25 जून से रथयात्रा का मेला लग जाएगा।
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काढ़े का प्रसाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की मंदिर परिसर में भीड़ लगी रही। पखवारे भर अब बाबा को काढ़े का भोग अर्पित किया जाएगा। 24 जून को परवल के जूस के भोग से बाबा स्वस्थ होकर तीन दिवसीय सैर -सपाटे पर निकलेंगे। इसी के साथ तीन दिवसीय रथयात्रा का लक्खा मेला आरंभ हो जाएगा।
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अत्यधिक जलाभिषेक से बीमार भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं के कपाट पखवारे भर के बंद कर दिए गए हैं। शनिवार को भगवान को काली मिर्च, लवंग, छोटी इलायची, बड़ी इलायची, जायफल, खांडसारी, तुलसी दल से बने काढ़े का भोग लगाया गया।
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ट्रस्ट श्रीजगन्नाथ जी के सचिव आलोक शापुरी, दीपक शापुरी ने बताया कि 24 जून को भगवान परवल का काढ़े के भोग से स्वस्थ होकर शाम पांच बजे दर्शन देंगे। सुसज्जित डोली पर भगवान की सपरिवार झांकी निकाली जाएगी।
वहां से प्रतिमाओं को श्रद्धालु पालकी पर लेकर रथयात्रा स्थित बेनीराम के बाग में पहुंचेंगे। उधर, सिगरा के शहीद उद्यान से उसी दिन अश्व रथ रथयात्रा चोौराहे पर लाया जाएगा। रात में शृंगार के बाद भगवान के विग्रहों को रथारूढ़ किया जाएगा। 25 जून से रथयात्रा का मेला लग जाएगा।