बनारस में देश का पहला गोबर गैस प्लांट: एक दिन में 3300 किलो सीएनजी का होगा उत्पादन, ऑयल कंपनियों से करार की प्रक्रिया शुरू
वाराणसी के शाहंशापुर में करीब नौ एकड़ में बायोगैस प्लांट बनाया गया है। कुछ माह पहले पीएम मोदी ने इसका लोकार्पण किया था।
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देश के पहले गोबर गैस प्लांट में प्राकृतिक गैस (सीएनजी) के निर्माण शुरू होने के बाद बिक्री के लिए गेल, इंडियन ऑयल जैसी कंपनियों से करार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक से डेढ़ माह में कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद प्लांट से प्रतिदिन 3300 किलो गैस का उत्पादन किया जाएगा। गैस के साथ-साथ तरल और और ठोस जैविक खाद का भी उत्पादन होगा।
प्लांट के नोडल अधिकारी अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि वाराणसी में कान्हा उपवन, शाहंशापुर गोशाला सहित आसपास के किसानों से पर्याप्त मात्रा में गोबर इकट्ठा किया गया है। गैस के वितरण को लेकर बीते बृहस्पतिवार को कमिश्नरी सभागार में बैठक भी हुई थी। जिसमें प्राकृतिक गैस के वर्तमान मूल्य के आधार पर ही बिक्री की सहमती बनी है।
जैविक खाद का भी होगा उत्पादन
प्लांट का निर्माण करने वाली संस्था के विक्रमादित्य ने बताया कि 23 करोड़ रुपये की लागत से करीब पांच एकड़ में फैले 3300 किलो गैस उत्पादन क्षमता वाले प्लांट से प्रतिदिन जैविक खाद का भी उत्पादन होगा। इसमें 55 हजार लीटर तरल खाद और 18 हजार ठोस जैविक खाद का उत्पादन होगा। प्रतिदिन 900 क्विंटल गोबर के साथ कंप्रेस्ड की जरूरत होगी।
घरेलू सहित वाहनों में होगा प्रयोग
एक नजर में
- 23 करोड़ रुपये की लागत
- 55 हजार लीटर तरल जैविक खाद
- 18 हजार किलो ठोस खाद
- 3300 किलो गैस का उत्पादन
- 05 एकड़ में फैला है प्लांट
- 90 टन गोबर की होगी खपत