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यूपी के लाल का गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम, लगातार 77 घंटे कैरिकेचर बनाने का वर्ल्ड रिकार्ड
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 22 Sep 2018 10:58 AM IST
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हरिओम
- फोटो : amar ujala
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बीएचयू के बीए प्रथम वर्ष के छात्र हरिओम ने 77 घंटे लगातार कैरीकेचर बनाकर अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करा लिया है। संस्था की ओर से हरिओम को इसका प्रमाण पत्र ई-मेल से भेजा गया।
यूपी के गाजीपुर के हरिओम की इस उपलब्धि पर वो खुद ही नहीं बल्कि उसके मां-पिता भी नाज कर रहे हैं। कहते हैं कि मन में हौसला तो क्या नहीं किया जा सकता। विश्व रिकार्ड तोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित किया जा सकता है जैसा कि गाजीपुर के हरिओम (16) ने लगातार 77 घंटे एक मिनट व 16 सेकंड तक ड्राइंग कैरिकेचर बनाया था।
उनका ये मैराथन राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में आठ नवंबर 2017 की शाम पांच बजे से शुरू होकर 11 नवंबर रात दस बजकर एक मिनट व 16 सेकंड तक चला था। उसने कनाडा के रोनाल्ड फ्रैंसिस हैबरलिंग का 61 घंटे 55 मिनट का रिकार्ड तोड़ा था।
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यूपी के गाजीपुर के हरिओम की इस उपलब्धि पर वो खुद ही नहीं बल्कि उसके मां-पिता भी नाज कर रहे हैं। कहते हैं कि मन में हौसला तो क्या नहीं किया जा सकता। विश्व रिकार्ड तोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित किया जा सकता है जैसा कि गाजीपुर के हरिओम (16) ने लगातार 77 घंटे एक मिनट व 16 सेकंड तक ड्राइंग कैरिकेचर बनाया था।
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उनका ये मैराथन राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में आठ नवंबर 2017 की शाम पांच बजे से शुरू होकर 11 नवंबर रात दस बजकर एक मिनट व 16 सेकंड तक चला था। उसने कनाडा के रोनाल्ड फ्रैंसिस हैबरलिंग का 61 घंटे 55 मिनट का रिकार्ड तोड़ा था।
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स्पाट पेंटिंग में मिल चुका राष्ट्रीय पुरस्कार
हरिओम
- फोटो : file photo
किसान पिता रमेश सिंह बेटे की इस उपलब्धि से गदगद हैं। गुरुवार को हरिओम को राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज लहुराबीर में सम्मानित किया गया। हरिओम ने बताया कि संस्था की ओर से प्रमाण पत्र ई-मेल किया गया है। अगले तीन सप्ताह में इसकी मूल प्रति मुझे प्राप्त हो जाएगी।
इसके पहले हरिओम ने 14 वर्ष की अवस्था में 24 घंटे में 261 पोट्रेट बनाकर लिम्का बुक आफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया था। उसके पिता रमेश सिंह ने बताया कि हरिओम कला के क्षेत्र में बचपन से रुचि रखता था। हरिओम को स्पाट पेंटिंग में राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है।
हरिओम ने बताया कि हर किसी को देश का गौरव को बढ़ाने के लिए कुछ खास करना चाहिए। हरिओम कुमार सिंह जवाहर नवोदय विद्यालय में 12वीं तक पढ़ाई की है। अब वह बीएचयू से पढ़ाई कर रहा है।
इसके पहले हरिओम ने 14 वर्ष की अवस्था में 24 घंटे में 261 पोट्रेट बनाकर लिम्का बुक आफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया था। उसके पिता रमेश सिंह ने बताया कि हरिओम कला के क्षेत्र में बचपन से रुचि रखता था। हरिओम को स्पाट पेंटिंग में राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है।
हरिओम ने बताया कि हर किसी को देश का गौरव को बढ़ाने के लिए कुछ खास करना चाहिए। हरिओम कुमार सिंह जवाहर नवोदय विद्यालय में 12वीं तक पढ़ाई की है। अब वह बीएचयू से पढ़ाई कर रहा है।