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गंगा पर दो महीने में दिखने लगेगा काम
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
Updated Sun, 05 Jun 2016 02:16 AM IST
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तीन विभूतियों को अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण पुरस्कार
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री महेश शर्मा ने गंगा में तेजी से बढ़ते प्रदूषण पर शनिवार की शाम चिंता जताई। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गंगा निर्मलीकरण को लेकर बेहद गंभीर हैं और केंद्र सरकार इस दिशा में व्यापक कदम उठाने जा रही है। दो महीने के भीतर गंगा से जुड़ी परियोजनाओं के परिणाम सामने आने लगेंगे। वह विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर तुलसी घाट पर आयोजित प्रो. वीरभद्र मिश्र अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
पर्यटन मंत्री ने बीएचयू के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के डीन रहे प्रो. निखिलेश राय, फ्रेंड्स ऑफ गंगेज की संस्थापक रहीं अमेरिका की फ्रैन को मरणोपरांत संकट मोचन फाउंडेशन की ओर से घोषित अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण पुरस्कार दिया।इनके अलावा लोक भाषा और साहित्य के पर्यावरण के लिए काम करने वाले गीतकार हरिराम द्विवेदी को भी इस पुरस्कार से उन्होंने नवाजा। इसके बाद पर्यटन मंत्री ने कहा कि पर्यावरणविद् प्रो. वीरभद्र मिश्र द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ गंगा मिशन को पूर्ण करना हमारी जिम्मेदारी है। गंगा निर्मलीकरण के लिए केंद्र सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने गंगा और असि पर वैज्ञानिक आंकड़े प्रस्तुत किए।
उन्होंने बताया कि गंगा प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हो सकी है। नाले जल के तस गंगा में बहाए जा रहे हैं। अब गंगा के उस पार भी जल में बैक्टीरिया पाए जाने लगे हैं। वरुणा संगम पर डीओ शून्य हो गया है। वहीं असि नदी में नगवा के पास डीओ दो पाया गया है। महंत ने असि नदी को नाले में तब्दील किए जाने पर चिंता जताई। कहा कि असि नदी के उद्धार के लिए पहली बार संकट मोचन फाउंडेशन से ही डीपीआर तैयार हुआ था लेकिन वह इच्छाशक्ति के अभाव के चलते अधर में लटक गया। इस मौके पर विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव, विधायक रवींद्र जायसवाल, प्रो. वीके शुक्ला, रवींद्र जायसवाल, राजेश्वर आचार्य, मेयर राम गोपाल मोहले, भाजपा नेता अशोक पांडेय, डॉ. अनूप मिश्र समेत तमाम लोग उपस्थित थे। संचालन प्रो. विजय नाथ मिश्र ने किया।
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पर्यटन मंत्री ने बीएचयू के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के डीन रहे प्रो. निखिलेश राय, फ्रेंड्स ऑफ गंगेज की संस्थापक रहीं अमेरिका की फ्रैन को मरणोपरांत संकट मोचन फाउंडेशन की ओर से घोषित अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण पुरस्कार दिया।इनके अलावा लोक भाषा और साहित्य के पर्यावरण के लिए काम करने वाले गीतकार हरिराम द्विवेदी को भी इस पुरस्कार से उन्होंने नवाजा। इसके बाद पर्यटन मंत्री ने कहा कि पर्यावरणविद् प्रो. वीरभद्र मिश्र द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ गंगा मिशन को पूर्ण करना हमारी जिम्मेदारी है। गंगा निर्मलीकरण के लिए केंद्र सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने गंगा और असि पर वैज्ञानिक आंकड़े प्रस्तुत किए।
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उन्होंने बताया कि गंगा प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हो सकी है। नाले जल के तस गंगा में बहाए जा रहे हैं। अब गंगा के उस पार भी जल में बैक्टीरिया पाए जाने लगे हैं। वरुणा संगम पर डीओ शून्य हो गया है। वहीं असि नदी में नगवा के पास डीओ दो पाया गया है। महंत ने असि नदी को नाले में तब्दील किए जाने पर चिंता जताई। कहा कि असि नदी के उद्धार के लिए पहली बार संकट मोचन फाउंडेशन से ही डीपीआर तैयार हुआ था लेकिन वह इच्छाशक्ति के अभाव के चलते अधर में लटक गया। इस मौके पर विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव, विधायक रवींद्र जायसवाल, प्रो. वीके शुक्ला, रवींद्र जायसवाल, राजेश्वर आचार्य, मेयर राम गोपाल मोहले, भाजपा नेता अशोक पांडेय, डॉ. अनूप मिश्र समेत तमाम लोग उपस्थित थे। संचालन प्रो. विजय नाथ मिश्र ने किया।
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