घट रहा गंगा का जलस्तर: काशी के गलियों में चल रहीं नाव, बारादरी आधा जलमग्न; गंदगी से बढ़ी परेशानी
वाराणसी में गंगा का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। 24 घंटे में 12 सेंटीमीटर की कमी के बाद जलस्तर 70.56 मीटर पहुंच गया। हालांकि गलियों में अब भी नावें चल रही हैं और बारादरी आधी जलमग्न है। जलस्तर घटने के बाद मलबे और गंदगी से परेशानी बढ़ने की आशंका है।
विस्तार
बीते एक सप्ताह से लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर शुक्रवार को घटने लगा। जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गि%रावट हो रही है। शुक्रवार को हुई 12 सेंटीमीटर गिरावट के बाद जलस्तर 70.56 मीटर रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, पानी चेतावनी बिंदु के ऊपर है। उधर, कोनिया क्षेत्र में सड़क व गलियों में नाव चलने लगी है। सिंधिया घाट स्थित बारादरी भी आधा जलमग्न है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर लोगों को राहत पहुंचाने और बचाव कार्य में जुटे हैं।
गंगा की सहायक नदी वरुणा के जलस्तर में बढ़ोतरी से कोनिया, नई बस्ती, माता बारी और विजयईपुरा समेत नदी किनारे के कई इलाके प्रभावित हैं। इन घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सैकड़ों परिवार बाढ़ की चपेट में हैं। पानी घरों के आसपास और रास्तों पर भर जाने के कारण लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।
कई परिवार अपने घरों में ही रहने को मजबूर हैं और जरूरी काम के लिए नावों से बाहर निकल रहे हैं। कोनिया इलाके में कई मुख्य और संपर्क मार्ग भी पानी में डूब गए हैं। उधर, ढेलवरिया, नक्खी घाट, मौजा हाल, दीनदयालपुर, दानियालपुर, पुराना पुल, बटलोहिया और सरैया समेत कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। इन क्षेत्रों में लोगों से घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है।
पिपरी गांव में दो नाव से आवागमन
नाद व गोमती नदी के जलस्तर में घटाव शुरू हो गया है। हालांकि आवागमन के लिए अभी दो नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। टेकुरी गांव में बाढ़ चौकी स्थापित है लेकिन अभी तक कोई शरणार्थी नहीं पहुंचा है। बाढ़ से सैकड़ों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ के पानी के चलते मार्कंडेय महादेव घाट की सीढीयों, चंद्रावती घाट व गौरीशंकर महादेव घाट की सीढ़ियों पर पानी भर गया है।
बाढ़ से रामपुर की दलित बस्ती के 62 लोग पहुंचे राहत शिविर
ढाब क्षेत्र में रामपुर की दलित बस्ती में घुटने तक पानी भर गया है। इसके चलते 10 परिवारों के 68 लोगों ने ट्रैक्टरों पर घरेलू सामानों को लादकर शुक्रवार को राहत शिविर में शरण ले ली है। वहीं गंगा किनारे गांवों लूठा,छितौना , छितौनी आदि गांवों में जाने वाले रास्तों पर जगह जगह पानी आ गया है, छितौना में गुरु बंदे आश्रम तक जाने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। इधर नाले के रास्ते जाल्हूपुर पशु शवदाह गृह तक पानी पहुंच गया है। गांव का आरआरसी सेंटर में पानी भर गया है।
आंकड़े एक नजर में
- रिवर - गंगा
- गॉज साइट - राजघाट
- चेतावनी - 70.262 मीटर
- खतरे का निशान - 71.26 मीटर
- हाईफ्लड लेवल - 73..901 मीटर
- शुक्रवार की रात तक गंगा का जलस्तर - 70.56 मीटर
- ट्रेंड - घट रहा - एक सेंटीमीटर प्रति घंटे