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काशी में लगातार बढ़ रहीं गंगा: 24 घंटे में 17 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर, शीतला घाट का आरती स्थल जलमग्न
Sun, 19 Jul 2026 05:14 AM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Sun, 19 Jul 2026 05:14 AM IST
सार
Varanasi News: काशी में लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा अब खतरे के निशान से 11 मीटर पीछे हैं। हालांकि पिछले साल इस समय सुबह ए बनारस के मंच के पास पानी पहुंच गया था।
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ganga ghat varanasi
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
काशी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। एक दिन में 17 सेंटीमीटर गंगा बढ़ गई हैं। शनिवार को शीतला घाटा का आरती स्थल जलमग्न हो गया। बढ़ता पानी अब कई घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच चुका है, जिससे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शुक्रवार को जलस्तर 60.53 मीटर था, जो शनिवार को बढ़कर 60.67 मीटर हो गया है। 18 जुलाई को 65.29 मीटर दर्ज किया गया था। इस कारण सुबह ए बनारस के मंच के पास पानी पहुंच गया था। गंगा का जलस्तर 3 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से न केवल लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।
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मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट के निर्देश दिए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
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एनडीआरएफ के सीओ अनूप सिंह बिष्ट ने बताया कि उनके बटालियन की 6 टीमें तैनात हैं, हर टीम में 30 जवान हैं। एक टीम लगातार दशाश्वमेध और नमो घाट पर गश्त कर रही है। बताया कि एनडीआरएफ के पास आधुनिक रेस्क्यू उपकरण, मेडिकल इक्विपमेंट और हाईटेक तकनीक है, जिससे रात के समय भी डूब रहे लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सकता है।
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जल पुलिस प्रभारी सुजीत त्रिपाठी ने बताया कि तीन टीमें राजघाट, दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट पर 24 घंटे तैनात हैं। एक इमरजेंसी बोट रात 3 बजे से लगातार संचालन में रहती है। 18 लाउडस्पीकरों से अपील की जा रही है कि वे गहरे पानी में न जाएं और घाटों पर सावधानी बरतें। सुजीत त्रिपाठी ने बताया कि गंगा की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।