गंगा खतरे का निशान पार, अलर्ट
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हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। देर रात नगवा-अस्सी सड़क पर गंगा बहने लगीं। उडुपि मंदिर तक पानी आ गया। अस्सी घाट मार्ग बंद हो गया है। शीतला घाट और अस्सी घाट से जाने वाली सड़क पर नावें चलने लगीं। सामने घाट तिराहे के अलावा दशाश्वमेध मार्ग तक गंगा का पानी चढ़ गया है। दशाश्वमेध और अस्सी और सरैया, नक्खी घाट की गलियों के अलावा तटीय कॉलोनियों, मुहल्लों के दो हजार से अधिक घरों में पानी आ गया है।
अस्सी और नगवा स्थित बाढ़ राहत शिविरों में दर्जनों बाढ़ पीड़ित पहुंच गए हैं। गंगा के तटीय इलाकों में ग्राउंड फ्लोर पर पानी आने के बाद सैकड़ों परिवारों ने गुरुवार को छतों पर शरण ले ली। घरों से गृहस्थी समेट कर रिश्तेदारों, किराए के घरों में भी जा रहे हैं। शुक्रवार तक गलियों में पानी आ गया तो रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए उन परिवारों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा, जो पानी से घिरे अपने घरों में ही छतों पर शरण लिए हुए हैं। वरुणा किनारे की सरैया, तीन पुलौवा, शक्कर तालाब, शैलपुत्री, मीरा घाट के घरों में पानी भरने से सैकड़ों लोग दूसरी जगहों पर चले गए हैं। इधर, गंगा किनारे अस्सी, नगवा, गंगोत्री बिहार, महेश नगर, सत्यमनगर, रामानुज नगर कॉलोनी, रोहित नगर, गांधी नगर, सामने घाट, मदरवा, मारुति नगर में पानी घुस गया।
उधर, गाजीपुर में गंगा खतरे के निशान 63.770 मीटर से पौन मीटर ऊपर बह रही हैं। चंदौली में गंगा खतरे के निशान से 46 सेमी नीचे 70.70 मीटर पर है। बलिया में गंगा के साथ ही टोंस और मगई नदी भी उफान पर है। आजमगढ़ में घाघरा नदी भी लाल निशान पार कर गई है। सोनभद्र में रिहंद डैम का जलस्तर गुरुवार को 867.5 फुट पहुंचने पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।