हैदराबाद की बिटिया के नाम पर हुई गंगा आरती, बनारस में कई जगहों पर जताया विरोध
हैदराबाद में दुष्कर्म के बाद जलाकर मार दी गई डॉक्टर को शहर में शनिवार को जगह-जगह श्रद्धांजलि दी गई। बीएचयू सिंह द्वार समेत अन्य जगहों पर लोगों ने घटना के प्रति आक्रोश जताया। उधर दशाश्वमेध घाट पर होने वाली हर दिन की गंगा आरती भी शनिवार को महिला डॉक्टर को समर्पित की गई। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बाद उसकी आत्मा की शांति के लिए दीपदान भी हुआ।
दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा के तट पर नर पिशाचों की शिकार हुई बेटियों की सलामती और मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आगमन संस्था और गंगोत्री सेवा समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान गंगा पूजन के उपरांत दीपदान, शांति के बाद आरती की शुरुआत हुई।
शनिवार की गंगा आरती उन बेटियों के नाम समर्पित रही, जिनके साथ अनाचार हुआ है। किशोरी रमन दुबे बाबू महाराज और डॉ. संतोष ओझा ने मृत बेटी के चित्र के आगे दीप जलाकर कार्यक्रम आरंभ किया।
पंडित सीताराम शास्त्री के नेतृत्व में पांच ब्राह्मणों कृष्णकांत, संजय, शिवसागर और डिल्ली शास्त्री ने गंगा पूजन कराने के बाद शांति पाठ किया और अंत में गंगा आरती की शुरुआत की गई। आरती से पहले देश के अलग-अलग हिस्से से आये श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन भी रखा। दीपदान में संस्था के सदस्यों के अलावा विदेशी महिलाओं ने भी अपनी भागीदारी निभायी।
संस्था का मानना है कि बेटियों के साथ हो रहे अनाचार पर कठोर कानून के बावजूद आदमी के भेष में रहने वाले जानवर अपने कृत्य से समाज की मर्यादाओं को कलंकित करने के साथ उस मातृत्व शक्ति का उपहास कर रहे हैं, जो सृष्टि की रचयिता है। दीपदान श्रद्धांजलि में रजनीश सेठ, रचना श्रीवास्तव, किरण, जितेंद्र, अभिषेक जायसवाल, रोहित पांडेय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उधर बीएचयू सिंह द्वार पर भगत सिंह छात्र मोर्चा के बैनर तले छात्र-छात्राओं ने हाथ में कैंडल लेकर विरोध जताया।