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गांधी स्मारक निधि: करोड़ों रुपये की सालाना आय वाली संस्था में लंबे समय से मची है रार, बनारस से लेकर उत्तराखंड तक संपत्तियां

Fri, 02 Jul 2021 12:32 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 02 Jul 2021 12:32 PM IST
सार

दशकों पुरानी गांधी स्मारक निधि संस्था संस्था के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में है। उत्तराखंड में पंत नगर विश्वविद्यालय के सामने ही 50 एकड़ जमीन पर कई तरह की गतिविधियां की जाती हैं। ऐसे ही विभिन शहरों में मौजूद जमीनों का संरक्षण चुनौती है।

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Gandhi Memorial Fund dispute in institution with annual income of crores of rupees  properties from Banaras to Uttarakhand
कई शहरों में संस्था की जमीनों पर लीज, उत्तराखंड तक फैली है जमीनें - फोटो : फाइल

विस्तार

सत्य, अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मूल्यों को जीवित रखने के लिए बनी गांधी स्मारक निधि संस्था अब रार का केंद्र बनने लगी है। दरअसल, आजादी के बाद से गठित संस्था को संचालित करने के लिए जुटाई गई जमीनें अब बेशकीमती हो चुकी हैं। लीज पर दी गई जमीनों से करोड़ों रुपये की आय भी हो रही है और इसी के चलते संस्था में लंबे समय से रार भी मची है। बुधवार को हाई वोल्टेज चुनाव के पीछे भी बनारस से लेकर उत्तराखंड तक की संपत्तियों को ही जिम्मेदार माना जा रहा है।
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संस्था से जुड़े पुराने सदस्य बताते हैं कि केंद्रीय स्मारक गांधी निधि की पहल पर वर्ष 1962 में यूपी गांधी स्मारक निधि की गठन किया गया। इस संस्था को संचालित करने के लिए वाराणसी के सेवापुरी में करीब 50 बीघे जमीन संरक्षित की गई थी। इसके अलावा मिर्जापुर, प्रयागराज, सोनभद्र, पीलीभीत और उत्तराखंड तक में खेती के बडे़ भू-भाग संस्था के मालिकाना हक में है।
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इन जमीनों पर खेती कराई जाती है और इससे आने वाली बड़ी आय वेतन से लेकर अन्य मदों में खर्च की जाती है। करीब एक साल पहले ही संस्था में वर्चस्व की जंग शुरू हो गई थी। सेवापुरी के घोसिला गांव में स्थित गांधी स्मारक निधि सेवापुरी के मंत्री के खिलाफ 16 सदस्य लामबंद हुए थे और उस समय भी सेवापुरी में रहने वाले सैय्यदराजा विधायक सुशील सिंह सक्रिय हुए थे।
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कई इमारतों को औने-पौने दाम पर लीज पर देने के आरोप में मंत्री लालबहादुर राय को हटा दिया गया था। सहायक निबंधक फर्म चिट्स एंड सोसायटी की संस्तुति पर उत्तर प्रदेश गांधी स्मारक निधि सेवापुरी का प्रशासक उप जिलाधिकारी राजातालाब को नियुक्त किया गया था।

करोड़ों की संपत्ति के संरक्षण की चुनौती

दशकों पुरानी इस संस्था के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में है। उत्तराखंड में पंत नगर विश्वविद्यालय के सामने ही 50 एकड़ जमीन पर कई तरह की गतिविधियां की जाती हैं। ऐसे ही विभिन शहरों में मौजूद जमीनों का संरक्षण चुनौती है।

चुनाव परिणाम पर उठाए सवाल
संस्था के सदस्य अजय शेखर, धनंजय कुमार, शुभा प्रेम ने निदेशक खादी ग्रामोद्योग आयोग को पत्र भेजकर चुनाव परिणाम के आदेश को वापस लेने की मांग की है। संस्था की बाइलाज का हवाला देते हुए उन्होंने यह मांग की है।
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