संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने विवि को आज की चुनौतियों के अनुरूप विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम बनाना हमारी प्राथमिकता होगी। छात्रों के लिए निशुल्क कोचिंग और रोजगारपरक पाठ्यक्रम बनाए जाएंगे। सभी के सहयोग से विश्वविद्यालय की आर्थिक समस्या का समाधान किया जाएगा। वह सोमवार को पाणिनी भवन में अध्यापक और कर्मचारी परिषद की ओर से आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. महेंद्र पांडेय और प्रो. राघवेंद्र दुबे के पौराणिक मंगलाचरण से हुआ। कुलपति ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। कुलपति ने कहा कि सौभाग्य है कि मैं यहां का छात्र रहा और अब कुलपति पद का दायित्व मिला है। मेरा संकल्प है कि अध्यापक, कर्मचारियों और छात्रों के सहयोग से विवि को विश्व फलक तक ले जाने का प्रयास करूंगा। पद्मभूषण प्रो. देवी प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि कुलपति सबके सहयोग से इस विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने का प्रयास करें। वहीं, अध्यापक व कर्मचारी परिषद ने कुलपति का अभिनंदन किया। प्रो. राम पूजन पांडेय, प्रो. जितेंद्र कुमार, प्रो. पीएन सिंह, प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, प्रो. बृजभूषण ओझा ने अपने विचार रखे। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुनील तिवारी ने कुलपति को कर्मचारियों और विश्वविद्यालय की समस्याओं से अवगत कराया और सहयोग का आश्वासन दिया। संचालन प्रो. शैलेश कुमार मिश्र और अध्यक्षता प्रो. शंभूनाथ शुक्ल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रविशंकर शुक्ल ने किया। इस अवसर पर प्रो. हीरककांति चक्रवर्ती, प्रो. रमेश प्रसाद, प्रो. हरिशंकर पांडेय, डॉ. विजय मणि त्रिपाठी उपस्थित थे।