वाराणसी के दशाश्वमेध में चार मंजिला भवन गिरा, पांच लोग घायल, वृद्धा की हालत नाजुक
वाराणसी के काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र के येलो जोन में रानी भवानी गली में गुरुवार की रात तीर्थ पुरोहित का किराए का चार मंजिला जर्जर मकान ढह गया। मकान के मलबे में पांच लोग दब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से पांचों को मलबे से बाहर निकाला गया।
घायलों में चार लोगों को मामूली चोट लगी है, जबकि एक वृद्धा की हालत गंभीर बताई गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार जर्जर मकान की मरम्मत की अनुमति के लिए इजाजत नहीं मिल रही थी। इसके साथ ही मकान के समीप ही स्मार्ट सिटी के तहत काम जारी है। खुदाई आदि के कारण होने वाले कंपन से भी जर्जर मकान को नुकसान हुआ है।
दशाश्वमेध थाना अंतर्गत रानी भवानी गली में स्थित एक समूह की संपत्ति से जुड़े एक जर्जर मकान में लंबे समय से तीर्थ पुरोहित गोपाल शर्मा उर्फ गोपाल मद्रासी, पत्नी शीनू, दो बच्चों और मां भारती देवी (65) के साथ किराये पर रहते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार रात आठ बजे के लगभग मकान का एक हिस्सा भहराकर गिरा तो परिवार के सदस्य दूसरे हिस्से में चले गए। गोपाल और उनके परिवार के लोग भोजन करने की तैयारी कर रहे थे तभी रात 9.15 बजे के बाद अचानक पूरा मकान तेज आवाज के साथ भहराकर गिर गया।
मकान गिरते ही मची चीख-पुकार
गोपाल और उनके परिवार के सदस्यों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग शोर मचाते हुए दौड़े और सूचना पुलिस को दी गई। इसके साथ ही मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने काम शुरू हुआ। गोपाल, उनकी पत्नी और बच्चों को जल्द ही मलबे से बाहर निकाल लिया गया, जबकि कड़ी मशक्कत के बाद उनकी मां भारती देवी को बाहर निकाला गया।
सीओ दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय ने बताया कि भारती देवी के सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोट लगने के कारण उनकी हालत गंभीर है। उन्हें उपचार के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भिजवाया गया है।
संकरी गली होने के कारण बचाव कार्य में आई दिक्कत
गोपाल शर्मा का घर संकरी गली में होने के कारण स्थानीय लोगों और पुलिस को राहत और बचाव के काम में खासी दिक्कत आई। वहीं हादसे के बाद गली और आसपास के क्षेत्र में काफी देरी तक अफरातफरी की स्थिति रही। इसके साथ ही लोग इस बात को लेकर भी आशंकित दिखे कि कहीं मकान के मलबे में कोई और न दबा हो। पुलिस ने जब तस्दीक कर ली कि कोई और मकान के मलबे में नहीं दबा है तो खोजबीन का काम बंद हुआ।
ढांढस बंधाते रहे मुहल्ले के लोग, गोपाल बोले कहां रहेंगे अब इस भीषण ठंड में
हादसे के बाद मुहल्ले के लोग गोपाल और उनकी पत्नी को ढांढस बधा रहे थे। वहीं हादसे में गृहस्थी का सारा सामान नष्ट हो जाने से गोपाल और उनकी पत्नी की आंखों से आंसुओं की धार रुकने का नाम नहीं ले रही थी। गोपाल का कहना था कि इस भीषण ठंड में दो बच्चों, पत्नी और बूढ़ी मां के साथ कहा रहेंगे। देखते हैं, महादेव ने नियति में क्या निर्धारित कर रखा है।