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चार और एफपीओ को निर्यात का मिला लाइसेंस
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वाराणसी। कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों की सहूलियत के लिए बीते दो साल में आठ किसान उत्पादन संगठन (एफपीओ) को निर्यातक का लाइसेंस जारी किया गया। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में बताया कि इसमें से चार को पिछले साल और सोमवार को भदोही, जौनपुर सहित वाराणसी के दो एफपीओ को लाइसेंस जारी किया गया। वह वर्चुअल माध्यम से लखनऊ से जुड़े थे। कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, कृषि, सिंचाई, विद्युत, नहर और ट्यूबवेल के उच्च अधिकारियों ने भी गोष्ठी में प्रतिभाग किया।
कमिश्नर ने बताया कि वाराणसी में कृषि उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एयरपोर्ट से सब्जी और फल विभिन्न खाड़ी देशों में भेजे गए। एयरपोर्ट पर ही कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था की गई है। राजातालाब और करखियाव में पैक हाउस बनाने का काम चल रहा है।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा किसानों को खाद्य प्रसंस्करण की यूनिट स्थापना पर 50 से 35 प्रतिशत, स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट, कटहल, बेल आदि के पौधे मेड़ पर लगाने और गिनती के हिसाब से हेक्टेयर में मान कर अनुदान के लिए एफपीओ को आने की अपील की। गोष्ठी में चिरईगांव के किसान संतोष कुमार ने ढैचा की बुवाई कर उससे हरी खाद बनाने और धान की बुवाई का जैविक खेती का अनुभव भी साझा किया। गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी मधुसूदन हुलगी सहित कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सिंचाई, विद्युत आदि विभागों के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
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कमिश्नर ने बताया कि वाराणसी में कृषि उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एयरपोर्ट से सब्जी और फल विभिन्न खाड़ी देशों में भेजे गए। एयरपोर्ट पर ही कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था की गई है। राजातालाब और करखियाव में पैक हाउस बनाने का काम चल रहा है।
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जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा किसानों को खाद्य प्रसंस्करण की यूनिट स्थापना पर 50 से 35 प्रतिशत, स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट, कटहल, बेल आदि के पौधे मेड़ पर लगाने और गिनती के हिसाब से हेक्टेयर में मान कर अनुदान के लिए एफपीओ को आने की अपील की। गोष्ठी में चिरईगांव के किसान संतोष कुमार ने ढैचा की बुवाई कर उससे हरी खाद बनाने और धान की बुवाई का जैविक खेती का अनुभव भी साझा किया। गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी मधुसूदन हुलगी सहित कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सिंचाई, विद्युत आदि विभागों के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
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