फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Four miscreants of interstate gang arrested from Sriganganagar in cyber fraud of 27 lakh

Cyber Crime: 27 लाख की साइबर ठगी में अंतरराज्यीय गिरोह के चार बदमाश गिरफ्तार, पाकिस्तान बॉर्डर के पास दबोचे गए

Thu, 12 Sep 2024 02:25 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 12 Sep 2024 02:25 AM IST
सार

राजस्थाल के सूरतगढ़, श्रीगंगानगर से 27 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी वाली जगह से पाकिस्तान बॉर्डर मात्र 50 किमी की दूरी पर है। 

विज्ञापन
Four miscreants of interstate gang arrested from Sriganganagar in cyber fraud of 27 lakh
पुलिस के गिरफ्त में सभी आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगस्त में टास्क और निवेश के बहाने निवेशक से 27 लाख की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार बदमाशों को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने राजस्थान के सूरतगढ़, श्रीगंगानगर से गिरफ्तार किया। यहां से पाकिस्तान बॉर्डर मात्र 50 किमी दूर है। आरोपियों के कब्जे से डेबिट कार्ड, चेकबुक, वेलकम लेटर, क्यूआर कोड, सिमकार्ड बरामद हुआ।
विज्ञापन


साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक विजय नारायण मिश्र ने बताया कि आरोपियों की पहचान राजस्थान के हनुमानगढ़, गोलूवाला थाना क्षेत्र के खोथांवाली निवासी प्रिंस खोड़, अनूपगढ़ के रावला मंडी निवासी आशीष उर्फ आशीष विश्नोई, बीकानेर के दंतौर थाना क्षेत्र के हरीश विश्नोई और सूरतगढ़, श्रीगंगानगर निवासी मनदीप सिंह के रूप में हुई है।
विज्ञापन


वेबसाइट, टेलीग्राम खातों, मोबाइल नंबरों व बैंक खातों की जांच और सर्विलांस, डिजिटल फुट प्रिंट के आधार पर इन्हें दबोचा गया। महमूरगंज के तुलसीपुर निवासी अजय कुमार श्रीवास्तव ने आठ अगस्त को मुकदमा दर्ज कराया था। टीम में इंस्पेक्टर राकेश कुमार गौतम, राज किशोर पांडेय, अनीता सिंह, एसआई नीलम सिंह, संजीव कुमार, सतीश सिंह, श्याम लाल गुप्ता, आलोक कुमार सिंह रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

साइबर विशेषज्ञ श्यामलाल ने बताया कि चारों ने ब्रांडेड कंपनियों की ओरिजिनल से मिलती जुलती फर्जी वेबसाइट बनाई थी। बल्क एसएमएस की मदद से एक साथ हजारों लोगों को पार्ट टाइम जाॅब, इनवेस्टमेंट में लाभ कमाने का लालच देते थे। जब कोई झांसे में आ जाता था तो छोटी-छोटी धनराशि उसके खातों में क्रेडिट कर बड़ा कमाने का लालच देते थे। इसके बाद पीड़ित को फर्जी वेबसाइट, टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा जाता था।

गिरोह के सदस्य बड़ी धनराशि का स्क्रीनशॉट भेजते थे। इससे लोग झांसे में आकर बड़ा निवेश कर देते थे। पीड़ितों से फर्जी कंपनी में पैसे डलवाते थे। वेबसाइट पर यूजर के अकाउंट में लाभ दो से तीन गुना दिखता था। बाद में जब लोग पैसा निकालना चाहते तो वह ऐसा नहीं कर पाता थे।

फर्जी गेमिंग यूजर्स के खाते में भेज देते थे रकम

20 से 24 साल के आरोपियों ने बताया कि वर्चुअल मशीन के जरिये चीन, सिंगारपुर, थाईलैंड, कंबोडिया, दुबई से सारा फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। इससे उनकी पहचान छिपी रहती थी। जालसाजी से जुटाई रकम को वह फर्जी गेमिंग एप के हजारों यूजर के बैक खातों व गिरोह के सदस्यों के खातों में भेज देते थे। उसके बाद अलग-अलग माध्यमों से पैसे निकाल लेते थे। इस तरह वह ब्लैक मनी को व्हाइट में तब्दील कर देते थे।

2 से 8 प्रतिशत के कमीशन का खेल

आरोपियों ने बताया कि दुबई, कनाडा, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात में उनके गिरोह से जुड़े लोग पूरा प्लान तैयार करते हैं। वह टेलीग्राम के माध्यम से खाता प्रोवाइडर एजेंट व कॉर्पोरेट खाता चलाने वाले एजेंट व अकाउंट बेचने वाले खाताधारक को सर्च करते हैं। फिर उन्हें कमीशन का लालच देकर खाते की जानकारी मंगवा लेते हैं। उनके मोबाइल में पेक्स, ओटीपी फारवर्डर, वन डेटा, किंग क्वाइन, पुश बुलेट और टेलीग्राम एसएमएस को एपीआई से इंस्टाल करा दिया जाता है। यह एसएमएस व कांटेक्ट लिस्ट को रीड कर लेता है। इससे ओटीपी सीधे खाता चलाने वाले के पास चला जाता है। फिर खाताधारक पहले से जुड़े अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कर देता है। ये खाताधारक सिर्फ 2 से 8 प्रतिशत के कमीशन के लिए ऐसा करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed