{"_id":"668e30afece2f06fcc07f3b8","slug":"four-auspicious-times-for-marriages-july-month-chaturmas-will-start-from-17-july-lagna-and-rahu-dosh-2024-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस महीने शादियों के चार शुभ मुहूर्त: 17 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास, भद्रा के साथ बन रहा लग्न व राहु का दोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस महीने शादियों के चार शुभ मुहूर्त: 17 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास, भद्रा के साथ बन रहा लग्न व राहु का दोष
Wed, 10 Jul 2024 12:26 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Wed, 10 Jul 2024 12:26 PM IST
सार
Shubh Muhurat 2024: दस साल बाद जुलाई माह में काफी कम लग्न है। इस कारण इन दिनों की बुकिंग काफी पहले से की चुकी हैं। हालांकि, गर्मी होने के कारण कई लोगों ने इस महीने में शादी करने से इंकार किया है। 17 जुलाई से चातुर्मास लग जाएगा।
विज्ञापन
जुलाई माह के विवाह मुहूर्त।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जुलाई में महज चार दिन ही शादी के शुभ मुहूर्त हैं। करीब एक दशक बाद इस महीने शादी के लिए इतने कम लग्न हैं। शादी के लिए शुभ मुहूर्त नौ, 10, 11 और 12 जुलाई है। जबकि बाकी दिनों के तमाम दोष के चलते शुभ मुहूर्त नहीं बन पा रहा है। वहीं, 17 जुलाई से देवशयनी एकादशी को चातुर्मास शुरू होने से मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।
विज्ञापन
गुरु व शुक्र ग्रह के अस्त होने की वजह से मई और जून में शादियों पर विराम लगा था। मगर, दोनों ग्रहों के उदय होने के बाद मांगलिक कार्य शुरू तो हुए लेकिन शादी के लिए चंद लग्न ही मिल पा रहे हैं। कारण, चातुर्मास जल्दी आ जाने से लग्न नहीं है।
विज्ञापन
जुलाई के बाद नवंबर में विवाह के लग्न मिल रहे हैं। आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री और आचार्य अमित मिश्र ने बताया कि 13, 14 और 15 जुलाई विवाह के नक्षत्र हैं। मगर, भद्रा के अलावा राहु, मृत्यु वाण और लग्न दोष होने के कारण शादी के लिए ये उत्तम नहीं है। 17 जुलाई को देवशयनी यानी हरिशयनी एकादशी को भगवान विष्णु शयन करने चले जाएंगे और चातुर्मास शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
देवताओं का नहीं मिल पाता आशीर्वाद
चातुर्मास के दौरान मांगलिक कार्य नहीं होते। इस दौरान विवाह करने पर देवताओं का आशीर्वाद नहीं मिलता है जिससे वैवाहिक जीवन खुशहाल नहीं बीतता है। शादी के लिए शुभ लग्न व मुहूर्त का होना जरूरी होता है। इसके लिए वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु एवं मीन लग्न में से किसी एक का होना जरूरी होता है। साथ ही उत्तम मुहूर्त के लिए रोहिणी, मृगशिरा या हस्त नक्षत्र में से किसी एक का भी होना जरूरी है।