वाराणसी: नीलगिरी इंफ्रासिटी के सीएमडी-एमडी सहित चार आरोपियों पर लगा गैंगस्टर एक्ट, संपत्ति होगी जब्त
जमीन और टूर पैकेज सहित कई लुभावने आफर देकर निवेशकों से करोड़ों की ठगी के आरोप में सीएमडी विकास सिंह, पत्नी एमडी ऋतु सिंह, डायरेक्टर प्रदीप यादव और पलास 31 अगस्त से ही चौकाघाट जिला जेल में बंद है।
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धोखाधड़ी के आरोप में वाराणसी जिला जेल में निरुद्ध नीलगिरी इंफ्रासिटी के सीएमडी-एमडी सहित चार आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इसके बाद कमिश्नरेट पुलिस चारों की संपत्ति भी जब्त करेगी। संपत्तियों का ब्यौरा पुलिस ने जुटाना शुरू कर दिया है।
जमीन और टूर पैकेज सहित कई लुभावने आफर देकर निवेशकों से करोड़ों की ठगी के आरोप में सीएमडी विकास सिंह, पत्नी एमडी ऋतु सिंह, डायरेक्टर प्रदीप यादव और पलास 31 अगस्त से ही चौकाघाट जिला जेल में बंद है।
महमूरगंज निवासी विकास सिंह और उसकी पत्नी ऋतु सिंह ने नीलगिरी इंफ्रासिटी के जरिए पूर्वांचल सहित बिहार, झारखंड, कोलकाता, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में निवेशकों से संपर्क कर और उन्हें लुभावने स्कीम दिखाकर जमीन, गोल्ड, टूर पैकेज आदि में निवेश कराया।
संपत्ति भी होगी जब्त
इसके बाद निवेशकों ने अपने को ठगा मानकर सीएमडी विकास सिंह और कंपनी में एमडी उसकी पत्नी ऋतु सिंह सहित अन्य कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। आरोप है कि मलदहिया के इंडियन प्रेस कालोनी स्थित कार्यालय में बुलाकर निवेशकों संग मारपीट की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
रामापुरा निवासी प्रबंधक प्रदीप यादव और विशेश्वरगंज निवासी पलास ने भी निवेशकों संग कंपनी के नाम पर धोखाधड़ी की। यह रिकार्ड ही रहा कि चेतगंज थाना में नीलगिरी के खिलाफ 50 से अधिक मुकदमे एक माह के अंदर दर्ज हुए। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि चारों आरोपियों की संपत्ति का ब्यौरा खंगाला जा रहा है, गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के बाद आगे संपत्ति भी जब्त की जाएगी।