Hillary Clinton: वाराणसी पहुंचीं अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री, गंगा आरती देख हुईं अभिभूत, गंगा किनारे डिनर
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन वाराणसी पहुंच चुकी हैं। तीन दिन के प्रवास में हिलेरी काशी की संस्कृति-परंपरा और सामाजिक संबंधों से रूबरू होंगी।
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तीन दिवसीय दौरे पर वाराणसी आईं अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन बृहस्पतिवार की शाम दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती देख अभिभूत हो गईं। बजड़े पर सवार हिलेरी क्लिंटन ने आरती के विहंगम दृश्य को कई बार कैमरे में कैद किया। इस दौरान वह अपने करीबियों से गंगा आरती का महात्म्य समझते दिखीं। बजड़े पर ही गंगा सेवा निधि के तीर्थ पुरोहितों ने उन्हें गंगा पूजा कराई।
हिलेरी क्लिंटन विशेष विमान से दोपहर तीन बजे बाबतपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचीं। हवाई अड्डे की निदेशक आर्यमा सान्याल ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह सड़क मार्ग से नदेसर स्थित होटल के लिए रवाना हो गईं। शाम को वह नमो घाट पहुंचीं और वहां से गंगा आरती देखने बजड़े पर सवार होकर निकलीं। रात्रि विश्राम के लिए वह नदेसर स्थित होटल लौट गईं। शुक्रवार को सारनाथ का भ्रमण करने जाएंगी।
गंगा किनारे डिनर का लिया आनंद
गंगा आरती के बाद हिलेरी क्लिंटन दरभंगा घाट स्थित एक होटल में डिनर के लिए पहुंची। होटल की छत पर उन्होंने शास्त्रीय संगीत के बीच डिनर में तवा व तंदूरी रोटी, चावल, मिक्स वेज, कढ़ाई पनीर, मशरूम की सब्जी, दाल मखनी, पापड़ और सलाद लिया। भोजन के बाद उन्होंने रसमलाई का आनंद लिया। वहां से निकलने के दौरान उन्होंने कहा कि आज पवित्र नदी के किनारे डिनर करके आनंद आ गया।
मणिकर्णिका घाट को देखकर पूछे कई सवाल
नमो घाट से बजड़े से रवाना र्हुइं हिलेरी क्लिंटन ने मणिकर्णिका घाट पर जलती चिताओं को देख कर सहयोगियों से उसके बारे में पूछा। उन्हें बताया गया कि भारतीय संस्कृति के अनुसार मृत्यु के बाद शवदाह किया जाता है। गंगा किनारे यह स्थान पौराणिक महत्व वाला है। इस दौरान वो तब तक मणिकर्णिका घाट की ओर अपलक देखती रहीं जब तक कि वह उनके सामने से ओझल नहीं हो गया।