वाराणसी: तीन साल पुराने मामले में एसीजेएम कोर्ट में पेश हुए पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति, लखनऊ से लेकर पहुंची थी पुलिस
तीन साल पहले नौ जून 2018 को जंगमबाड़ी निवासी फर्नीचर कारोबारी से जेल से रंगदारी मांगने के आरोप में बंद चल रहे पूर्व मंत्री और सपा नेता गायत्री प्रजापति बृहस्पतिवार को एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में पेश हुए। लखनऊ से कड़ी सुरक्षा में पुलिस गायत्री प्रजापति को लेकर कोर्ट पहुंची। यहां आने के बाद स्वास्थ्य कारणों से वह व्हील चेयर पर बैठकर कोर्ट पहुंचे, जहां मामले की सुनवाई के बाद शाम पांच बजे उन्हें लखनऊ जेल में दाखिल करने के लिए पुलिस ले गई।
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में लखनऊ जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर वाराणसी में फर्नीचर कारोबारी अरविंद तिवारी को जेल से ही फोन पर धमकी देकर ठेके के कमीशन को मांगे जाने का आरोप लगा था। उस समय पहले तो उनका नाम तत्कालीन दशाश्वमेध थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बालकृष्ण शुक्ल ने मुकदमे से निकाल दिया था।
बाद में इसकी जानकारी होने पर तत्कालीन एसएसपी ने इंस्पेक्टर को निलंबित करते हुए नए सिरे से जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी। एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ की निगरानी में हुई विवेचना में सबूतों के आधार पर ही गायत्री का नाम चार्जशीट में जोड़ा गया। इसके बाद गायत्री प्रजापति को लखनऊ से वाराणसी जिला कारागार लाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी।
क्राइम ब्रांच के विवेचना अधिकारी ने 2018 में ही कोर्ट से बी वारंट लेकर उसे लखनऊ जेल में तामील कराया था। अब लखनऊ जेल के अधिकारियों की सक्रियता के बाद ही गायत्री प्रजापति को यहां लाया गया। इससे पहले भी बी वारंट लखनऊ भेजा गया था लेकिन, मेडिकल आधार पर गायत्री प्रजापति को वाराणसी नहीं लाया गया था। सुनवाई के समय दोनों पक्षों के अधिवक्ता और गायत्री प्रजापति के समर्थक भी मौजूद रहे।