गाजीपुर: पूर्व प्रधान की पेट में भाला घोंपकर हत्या, पुलिस ने पांच लोगों को लिया हिरासत में, भाला मिला
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गाजीपुर जिले के चकफरीद गांव के हौदवा तालाब स्थित कब्रिस्तान के पास रविवार की भोर में पूर्व कार्यवाहक प्रधान नूर मुहम्मद (52) की भाला मार कर हत्या कर दी गई। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। एसपी ने घटनास्थल पर जा कर जांच पड़ताल की। पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हत्या के पीछे पुलिस पुरानी रंजिश मान कर जांच कर रही है।
चकफरीद गांव निवासी नूर मुहम्मद वर्ष 1995 में ग्राम पंचायत सदस्य बने थे। चुनाव के एक वर्ष बाद महिला ग्राम प्रधान आरती सहाय का निधन हो गया था। इसके बाद नूर मुहम्मद कार्यवाहक ग्राम प्रधान बनाए गए थे। इधर, कुछ वर्षों से वह लकड़ी का व्यापार करते थे। नूर मुहम्मद रविवार भोर में रोजाना की तरह साढ़े तीन बजे उदंती नदी की तरफ टहलने गए थे।
बाद में गांव का एक मूक बधिर युवक उधर गया तो हौदवा तालाब स्थित कब्रिस्तान के पास नूर मुहम्मद का शव पड़ा मिला। इसकी जानकारी उसने ग्रामीणों को दी। कुछ ही देर में वहां भीड़ जुट गई। फारेंसिक टीम को घटनास्थल से एक मीटर दूर उनका चश्मा और मोबाइल फेंका मिला। एसपी ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि साक्ष्यों के अनुसार घटना को मृतक के परिचित ने ही अंजाम दिया होगा। वैसे, परिजनों से बातचीत की जा रही है। जल्द ही हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
पहले भी हुए हैं प्रधानों पर हमले
पूर्वांचल के जिलों में हाल ही में और भी प्रधानों पर हमले हुए हैं। आजमगढ़ के तरवां क्षेत्र में बांसगांव में अगस्त में प्रधान सत्यमेव जयते की हत्या कर दी गई थी। इसी तरह, निजामाबाद के नेवादा निवासी बीडीसी सुरेंद्र यादव की भी अगस्त में हत्या कर दी गई थी। गाजीपुर में बड़ेसर थाना क्षेत्र के विद्यापुर गांव के प्रधान भरत कुमार पर भी नौ जुलाई को बाइक सवार बदमाशों ने तमंचे से फायरिंग कर घायल कर दिया था।