Flood in Varanasi: वरुणा के पलट प्रवाह से घरों में घुसा पानी, अब पलायन की तैयारी; 68.04 मीटर पर गंगा का जलस्तर
वाराणसी में अस्सी से राजघाट के बीच घाटों का आपसी संपर्क पहले ही समाप्त हो चुका है। हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में शवदाह हो रहा है जबकि मणिकर्णिका की छतों पर शवदाह किया जा रहा है।
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Flood in UP: गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण वरुणा में पलट प्रवाह शुरू हाे चुका है। सोमवार को जलस्तर बढ़ने से शहर के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर 68.04 मीटर है। बलिया, मिर्जापुर और गाजीपुर में गंगा का जलस्तर अब धीरे-धीरे चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा है।
सोमवार को गंगा की सहायक नदी वरुणा में पलट प्रवाह के चलते नक्खी घाट, पुलकोहना, तीनपुलिया, शक्कर तालाब, बघवानाला, नई बस्ती और कोनिया, माताबारी में वरुणा नदी का पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है। देर शाम तक हालत यह थी कि हजारों की आबादी अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने की तैयारी कर रही थी।
वरुणा के पलट प्रवाह से नदी के किनारे रहने वालों के घरों में पानी भरने से बुजुर्गों, छोटे बच्चों और जानवरों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में लोगों की दैनिक जरूरतों का सामान भी जलमग्न हो चुका है।
केंद्रीय जल आयोग की बाढ़ बुलेटिन के अनुसार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 67.72 मीटर पर था। जलस्तर में पांच सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही थी। दोपहर बाद रफ्तार में कमी आई और तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव शुरू हो गया। रात आठ बजे जलस्तर 68.04 मीटर पहुंच चुका था। मिर्जापुर में जलस्तर 73.35, बलिया में 56.54 और गाजीपुर का जलस्तर 60.41 मीटर दर्ज किया गया।
ढाब क्षेत्र में किसानों की बढ़ीं मुश्किलें
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से चिरईगांव ब्लॉक का ढाब क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आता जा रहा है। सबसे अधिक प्रभावित इलाके में रामचंदीपुर से मोकलपुर तक के किसानों की सब्जियों की फसलें जलमग्न होने लगी हैं।
क्षेत्र के किसानों की लगभग साढ़े तीन सौ बीघा जमीन में लगी मौसमी सब्जियां बाढ़ की चपेट में आने लगी हैं। यह फसलें स्थानीय किसानों के लिए रोजमर्रा की जीविका का प्रमुख स्रोत हैं। फिलहाल रामचंदीपुर और मोकलपुर घाट के सामने ग्रामीणों के सहयोग से एक नाव चलाई जा रही है, जिससे स्थानीय आवागमन संभव हो पा रहा है।