Flood in Varanasi: बाढ़ग्रस्त इलाकों में मिले 106 लोगों को बुखार, 286 को चर्म रोग; स्वास्थ्य टीम ने लिया सैंपल
Varanasi News: वाराणसी में गंगा और वरुणा का पानी घटने के बाद नदियों के किनारे समस्याओं ने नया रूप ले लिया है। यहां अब बीमारियां फैल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां लगातार निगरानी कर रही है।
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Varanasi News: जिले में गंगा का जलस्तर कम होने के बाद अब बाढ़ग्रस्त इलाकों में पानी तो उतरने लगा है लेकिन यहां दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कहीं बुखार से लोग ग्रसित हैं तो कहीं खुजली और शरीर पर दाने निकलने की समस्या बढ़ गई है। सोमवार को कोनिया, दनियालपुर, हुकुलगंज, बघवानाला आदि बाढ़ग्रस्त इलाकों में 106 लोगों में बुखार के लक्षण मिले हैं। डेंगू और मलेरिया की पुष्टि किसी में नहीं हुई है।
डॉक्टरों ने बुखार की दवा देकर सेहत के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी गई। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि अब तक 1123 बुखार वाले लोगों की जांच की जा चुकी है। 11988 क्लोरीन की गोली बांटी गई। वर्तमान समय में कुल चार बाढ़ चौकियां संचालित हैं। जहां दो शिफ्ट में आठ चिकित्सकीय टीम तैनात है। अब तक बाढ़ चौकी पर 163 दस्त के मरीज, 286 चर्म रोग के मरीजों को मिलाकर कुल 2420 मरीजों का उपचार किया जा चुका है।
तीन घरों में मिला डेंगू का लार्वा
शहरी क्षेत्रों में हॉटस्पॉट एरिया में घर घर जाकर मच्छरों के लार्वा की ब्रीडिंग जांचने का अभियान चलाया जा रहा है। 16 अगस्त तक बाढ़ प्रभावित मोहल्लों में 1710 घरों की जांच की गई। इसमें 3 घरों में लार्वा मिला है। सीएमओ ने बताया कि 3215 मच्छर प्रजनन स्रोत नष्ट कराए गए हैं।
घट रहा बाढ़ का पानी, बढ़ रहा मच्छर, गंदगी और बदबू का प्रकोप
गंगा में जलस्तर लगातार घट रहा है। केंद्रीय जल आयोग ने बताया कि शाम छह बजे तक 68.21 मीटर जलस्तर रिकॉर्ड किया गया। तीन सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से घटाव है। जैसे-जैसे पानी नीचे उतर रहा है वैसे-वैसे गंदगी, बदबू से जिंदगी दूभर हो रही है। गंगा के पलट प्रवाह का असर वरुणा और असि किनारे रहने वालों पर पड़ता है। यहां मिट्टी, कीचड़ और फिसलन की समस्या बरकरार है।
वरुणा किनारे दानियालपुर, नक्खी घाट, मौजाहाल, बघवानाला, हुकुलगंज, पुलकोहना क्षेत्रों में गलियों में भी कीचड़ भरा है। पैदल चलना मुश्किल है। शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। दीनदयालपुर निवासी रानी देवी, रीता, केवला देवी, अनीता, जमील, मुन्ना, फिरोज, सरफुद्दीन, कैलाश और बबलू चौहान ने बताया कि गलियों और घरों में न तो दवा का छिड़काव हो रहा है, न ही फॉगिंग। इन इलाकों में लोग खुजली, आंखों में जलन और लाल दाने से परेशान हैं।
सरैया विशुनपुरा में दो फीट सीवर से परेशानी
चिरईगांव क्षेत्र के जाल्हूपुर से बर्थराकला जाने वाले मुख्य मार्ग पर दो फीट सीवर की समस्या है। सड़क किनारे नाला पूरी तरह से पट चुका है। इससे सीवर बाबा धाम बोर्ड के पास प्यारे लाल मिश्रा के घर से लेकर गौरीशंकर मिश्रा के घर तक फैल गया है। ब्लॉक मुख्यालय में बीडीओ वीरेंद्र नारायण द्विवेदी को पत्रक देकर नाले की सफाई की मांग की।