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UP : BHU में पहली बार तिरुपति, पुरी, श्रृंगेरी, चेन्नई व जयपुर के विद्वान जुटे; शास्त्रार्थ सभा में रखें विचार
Thu, 28 Nov 2024 02:55 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 28 Nov 2024 02:55 PM IST
सार
Varanasi News : बीएचयू में होने वाले इस आयोजन में देश के प्रमुख राज्यों से विद्वानों का जुटान हुआ। धर्म विज्ञान को लेकर इन लोगों ने अपने-अपने मत और विचार रखे।
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BHU
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीएचयू में आज से अखिल भारतीय शास्त्रार्थ सभा का आयोजन हुआ। तीन दिवसीय इस शास्त्रार्थ सभा में तिरुपति, शृंगेरी, देव प्रयाग, जगन्नाथ पुरी, चेन्नई और जयपुर के कई संत और विद्वान जुटे। पहली बार बीएचयू कैंपस में शास्त्रार्थ विद्वानों का ये आयोजन हो रहा है।
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इस महाकुंभ में वेद, व्याकरण, मीमांसा, वेदांत, न्याय और साहित्य आदि शास्त्रों के प्राचीन ज्ञान और रहस्यों पर मंथन होगा। संस्कृत वांग्मय में जीवन के हर क्षेत्र के लिए वैज्ञानिक तरीके से ग्रंथों की रचना की गई है। इस परंपरा को बढ़ाने में आदि शंकराचार्य से लेकर शिव कुमार शास्त्री जैसे आचार्यों की भूमिकाओं पर बातचीत होगी। कई नए धार्मिक शोध को विद्वान एक दूसरे से साझा करेंगे।
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आचार्य मणि द्राविड़ भी पहुंचे
शास्त्रार्थ सभा के आयोजक और संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय प्रमुख प्रो. राजाराम शुक्ल ने बताया कि चेन्नई से न्याय, मीमांसा एवं वेदांत आदि शास्त्रों के पारंगत विद्वान आचार्य मणि द्राविड, तिरुपति से वेदांत के विद्वान आचार्य गणपति भट्ट, आचार्य के. एस सतीश, शृंगेरी से से व्याकरण शास्त्र के मूर्धन्य विद्वान आचार्य कृष्णानंत पद्मनाभन और आचार्य गणेश ईश्वर भट्ट सभा में आ रहे हैं। इनके अलावा जयपुर से साहित्य शास्त्र के पारंगत विद्वान आचार्य रामकुमार शर्मा, देवप्रयाग से व्याकरण शास्त्र के युवा विद्वान आचार्य गणेश्वर नाथ झा, जगन्नाथ पुरी से जीएसवी दत्तात्रेयमूर्त्ति भी मौजूद रहेंगे।
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