फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   First smuggling then court and now lack of transport expenses how will 12 camel go to Rajasthan

Varanasi: पहले तस्करी, फिर कोर्ट कचहरी और अब परिवहन खर्च का अभाव, घर कैसे जाएंगे रेगिस्तान के 12 ‘जहाज’

Wed, 11 Jan 2023 08:51 PM IST
उत्पल कांत ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला, वाराणसी
ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 11 Jan 2023 08:51 PM IST
सार

रेत पर दौड़ने और राजस्थान की जलवायु में रहने के आदी 12 ऊंटों को 27 जून से वाराणसी के रामनगर में रखा गया है। इन्हें राजस्थान के सिरोही भिजवाने की जिम्मेदारी कोर्ट ने गौ ज्ञान फाउंडेशन को सौंपी है। 

विज्ञापन
First smuggling then court and now lack of transport expenses how will 12 camel go to Rajasthan
अहाते में बंद ऊंट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पहले तस्करी, फिर कोर्ट कचहरी और अब परिवहन खर्च का अभाव...। रेगिस्तान के 12 ‘जहाज’ अपनी सरजमीं पर जाने के इंतजार में न जाने कब से हैं। इस लंबे इंतजार के दौरान उनके चार साथियों ने यहां दम तोड़ दिया। रामनगर और आसपास के इलाकों में पशुपालकों के यहां कैद ये ऊंट इंतजार की घड़ियां गिन रहे हैं। हालांकि ऊंटों को उनके वतन भेजने के लिए यहां की संस्था ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। बात अलग है कि इसके लिए उन्हें सवा लाख रुपयों की दरकार है। 

विज्ञापन


रेत पर दौड़ने और राजस्थान की जलवायु में रहने के आदी 12 ऊंट 27 जून से यहां अटके हुए हैं। इन्हें राजस्थान के सिरोही भिजवाने की जिम्मेदारी कोर्ट ने गौ ज्ञान फाउंडेशन को सौंपी है। कोर्ट ने एक दिसंबर को ये आदेश दिया था।

विज्ञापन

करीब सवा लाख रुपये आएगा खर्च

फाउंडेशन इन ऊंटों को सिरोही भिजवाने के लिए परिवहन खर्च की व्यवस्था करने में जुटा हुआ है। गौ ज्ञान फाउंडेशन के अनुसार वाराणसी से राजस्थान सिरोही स्थित पीपुल फॉर एनिमल आश्रय स्थल भिजवाने का खर्च लगभग सवा लाख रुपये है। परिवहन के दौरान ऊंटों के चारा पानी का इंतजाम जिला प्रशासन को करना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

तस्करों से बचाए गए थे 16 ऊंट, छह माह में चार की मौत

First smuggling then court and now lack of transport expenses how will 12 camel go to Rajasthan
अहाते में बंद ऊंट - फोटो : अमर उजाला
27 जून की रात गौ ज्ञान फाउंडेशन की सूचना पर रामनगर पुलिस ने भीटी हाइवे से 16 ऊंट को ट्रक से बरामद किया था। बागपत से इन ऊंटों को तस्करी कर बंगाल ले जाया जा रहा था। जिला प्रशासन के आदेश पर रामनगर पुलिस ने भीटी स्थित अहाते में रखा। गौ ज्ञान फाउंडेशन ने सभी ऊंटों को राजस्थान के सिरौही भिजवाने का मुद्दा उठाया तो मामला कोर्ट में चला गया।

इसी बीच 24 जुलाई को एक ऊंट ने दम तोड़ दिया। पांच माह तक कोर्ट कचहरी में बीत गए। इस दौरान रामनगर पुलिस ने बचे 15 ऊंट को उचित खानपान और पालन पोषण के लिए रामनगर समेत अन्य क्षेत्र के रहने वाले पशु पालकों को हलफनामा शपथपत्र  लेकर सौंप दिया।

29 अगस्त को एक और ऊंट की मौत हो गई। नवंबर में दो और ऊंटों ने दम तोड़ दिया था। बचे हुए 12 ऊंटों की अंतरिम अभिरक्षा गौ ज्ञान फाउंडेशन को सौंपने का आदेश पिछले एक दिसंबर को एसीजेएम प्रथम नीतेश कुमार सिन्हा की कोर्ट ने रामनगर पुलिस को दिया है। 

गौ ज्ञान फाउंडेशन के अधिवक्ता शशांक शेखर ने कहा कि जल्द ही ऊंटों को राजस्थान के सिरौही भिजवाया जाएगा। परिवहन के दौरान आने वाले खर्च की व्यवस्था में फाउंडेशन जुटी है।  वहीं आर लता देवीआर लता देवी ने कहा कि बचे हुए सभी ऊंटों को राजस्थान के सिरौही स्थित पीपुल फार एनीमल रेस्क्यू केयर शेल्टर व अस्पताल भिजवाया जाएगा। इसके लिए फाउंडेशन अपनी तैयारियां कर रहा है।

थाना प्रभारी निरीक्षक (रामनगर) अश्वनी पांडेय ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर फाउंडेशन को कई बार पत्र भिजवाया गया कि ऊंटों को अपनी अभिरक्षा में लें। इस संबंध में थाने से अब तक चार बार सूचना फाउंडेशन को दी जा चुकी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed