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पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में बनेगा देश का पहला ‘फ्रेट विलेज’, केंद्र सरकार ने दिखाई हरी झंडी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 05 Dec 2017 02:07 PM IST
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इनलैण्ड वारटर वेज अथारिटी आफ इंडिया के सदस्य प्रवीर पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में देश का पहला फ्रेट विलेज (मालभाड़ा गांव) बनाने की भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) की महत्वाकांक्षी योजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।
रामनगर में जल परिवहन के लिए निर्माणाधीन मल्टी मॉडल टर्मिनल के पास करीब सौ एकड़ क्षेत्रफल में इस योजना को 2022 तक मूर्तरूप देने की तैयारी है। वित्त मंत्रालय और नीति आयोग की सहमति के बाद इसकी डिजाइन और डीपीआर विश्व बैंक को भेज दी गई है।
योजना पर 3055 करोड़ रुपये खर्चे होंगे। फ्रेट विलेज की सड़क, रेल और जल परिवहन तीनों से सीधी कनेक्टिविटी होगी। इसके जरिए वाराणसी ‘ट्रांसपोर्ट हब’ के रूप में विकसित होगा।
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सोमवार को निर्माणाधीन मल्टी मॉडल टर्मिनल का जायजा लेने आए आईडब्ल्यूएआई के वाइस चेयरमैन प्रवीर पांडेय ने बताया कि यह देश का पहला फ्रेट विलेज होगा। रेल, जल और सड़क परिवहन की सभी सुविधाएं यहां मुहैया होंगी।
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रामनगर में जल परिवहन के लिए निर्माणाधीन मल्टी मॉडल टर्मिनल के पास करीब सौ एकड़ क्षेत्रफल में इस योजना को 2022 तक मूर्तरूप देने की तैयारी है। वित्त मंत्रालय और नीति आयोग की सहमति के बाद इसकी डिजाइन और डीपीआर विश्व बैंक को भेज दी गई है।
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योजना पर 3055 करोड़ रुपये खर्चे होंगे। फ्रेट विलेज की सड़क, रेल और जल परिवहन तीनों से सीधी कनेक्टिविटी होगी। इसके जरिए वाराणसी ‘ट्रांसपोर्ट हब’ के रूप में विकसित होगा।
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सोमवार को निर्माणाधीन मल्टी मॉडल टर्मिनल का जायजा लेने आए आईडब्ल्यूएआई के वाइस चेयरमैन प्रवीर पांडेय ने बताया कि यह देश का पहला फ्रेट विलेज होगा। रेल, जल और सड़क परिवहन की सभी सुविधाएं यहां मुहैया होंगी।
60 एकड़ जमीन के लिए हो रही वार्ता
रामनगर में निर्माणाधीन टर्मिनल
- फोटो : अमर उजाला
विश्व बैंक और भारत सरकार के अलावा आईडब्ल्यूएआई, राज्य सरकार, रेल मंत्रालय की सहायता से इसे मूर्तरूप दिया जाएगा। इसके लिए गठित होने वाले स्पेशल परपज ह्वेकल (एसपीवी) में सभी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
फ्रेट विलेज में बड़े-बड़े गोदाम (वेयर हाउस) और परिवहन-ढुलाई से जुड़े संसाधन पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाएंगे। यहां बाहर से आने वाले कच्चे और पक्के मॉल के स्टोरेज के अलावा उनकी अलग-अलग पैकिंग, इंडस्ट्री, हाउसिंग, कस्टम सहित अन्य सुविधाएं होंगी।
रामनगर टर्मिनल के पास फ्रेट विलेज के लिए चिह्नित क्षेत्र रेल, सड़क और जलमार्ग का एक तरह से संगम है। इसके लिए 30 एकड़ जमीन मिल गई है। बाकी 60 एकड़ जमीन के लिए चंदौली और वाराणसी जिला प्रशासन से वार्ता की जा रही है।
फ्रेट विलेज में बड़े-बड़े गोदाम (वेयर हाउस) और परिवहन-ढुलाई से जुड़े संसाधन पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाएंगे। यहां बाहर से आने वाले कच्चे और पक्के मॉल के स्टोरेज के अलावा उनकी अलग-अलग पैकिंग, इंडस्ट्री, हाउसिंग, कस्टम सहित अन्य सुविधाएं होंगी।
रामनगर टर्मिनल के पास फ्रेट विलेज के लिए चिह्नित क्षेत्र रेल, सड़क और जलमार्ग का एक तरह से संगम है। इसके लिए 30 एकड़ जमीन मिल गई है। बाकी 60 एकड़ जमीन के लिए चंदौली और वाराणसी जिला प्रशासन से वार्ता की जा रही है।