फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   fiftee thousand devotees performed worship Shitala Maa in varanasi

Varanasi News: 50 हजार श्रद्धालुओं ने शीतला मां का किया बसियउरा पूजन, महाआरती में लगी श्रद्धालुओं की कतार

Wed, 03 Apr 2024 05:11 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 03 Apr 2024 05:11 PM IST
सार

Varanasi News: चैत शुक्ल की अष्टमी को मां शीतला के मंदिरों में भक्तों की लंबी-लंबी कतार लगी रही। इस दौरान भक्तों ने मां के जयकारे लगाए। प्रसाद की थाली लेकर खड़ीं महिला श्रद्धालुओं की उपस्थिति ज्यादा रही। शीतलाष्टमी पर रोग से मुक्ति की माता से प्रार्थना की जाती हैं।

विज्ञापन
fiftee thousand devotees performed worship Shitala Maa in varanasi
दशाश्वमेध घाट स्थित श्री शीतला माता मंदिर का दर्शन करती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चैत शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मंगलवार को शीतला अष्टमी मनाई गई। श्रद्धालुओं ने शीतला मंदिरों में बसियउरा पूजन किया। दशाश्वमेध घाट स्थित बड़ी श्री शीतला माता मंदिर में भोर से रात तक भीड़ रही। यहां मां का शृंगार कर महाआरती हुई। शहर भर में करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए।
विज्ञापन


शीतलाष्टमी के पूर्व सोमवार की रात में महिलाओं ने घरों की साफ सफाई कर हलवा, पूड़ी, गुलगुला, रसियाव, सब्जी आदि पकवान बनाए। मुहल्लों में जागरण कर शीतला स्तोत्र का पाठ, पारंपरिक लोकगीत और शीतला जी की महिमा का गान किया। भोर में अपने आसपास के शीतला मंदिरों में पहुंचकर पकवानों का भोग लगाया। मां शीतला से निरोग रहने की कामना की। 
विज्ञापन


बड़ी श्री शीतला माता मंदिर में 20 हजार महिलाओं ने दर्शन किए। उनके साथ युवतियां और बच्चे भी थे। देर शाम तक पूजन का सिलसिला चला। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि शीतलाष्टमी पर रोग से मुक्ति की माता से प्रार्थना की जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मां शीतला का हुआ शृंगार
शीतलाष्टमी पर बड़ी शीतला माता मंदिर में शृंगार हुआ। महंत पं. शिवप्रसाद पांडेय के आचार्यत्व में पं. सुट्टू महाराज ने शृंगार किया। पंचामृत स्नान कराकर नवीन वस्त्र, आभूषण धारण करवाया। फूलों से शृंगार किया। महंत जी ने बताया कि ऋतु परिवर्तन होने पर तमाम रोग उत्पन्न होते हैं। इससे मुक्ति के लिए माता की पूजा होती है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed