{"_id":"60a573708ebc3e78bd04d6e6","slug":"father-and-son-died-in-suspicious-circumstances-inside-the-house-city-news-vns59034423","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर के अंदर संदिग्ध हालात में पिता-पुत्र की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर के अंदर संदिग्ध हालात में पिता-पुत्र की मौत
विज्ञापन
सारनाथ। पहड़िया स्थित श्रीनगर कालोनी में बासदेव बाबा स्थान के पास टीन शेड के मकान के अंदर पिता-पुत्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बुधवार सुबह घर से उठने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। घटनास्थल पर पहुंचे एडीसीपी, डीसीपी काशी जोन, एसीपी कैंट, क्राइम ब्रांच ने मौका मुआयना कर पड़ोसियों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार संभवत: बीमारी के चलते दोनों की मौत हुई है।
बिहार, भोजपुर जिले से सेमरिया गांव निवासी पिता बालेश्वर ओझा (85) व पुत्र जितन ओझा (52) पिछले 30 साल से श्रीनगर नगर कालोनी में टीन शेड के मकान में रहते थे। वह कॉलोनी के डीह बाबा मंदिर के पास माला फूल बेचकर जीविका चलाते थे। जितन की पत्नी व दो पुत्र आठ साल पूर्व बिहार चले गए थे। पिता और पुत्र ही मकान में रहते थे। सुबह के समय पड़ोस की महिलाएं बास देव बाबा के पास पीपल पेड़ की पूजा करने गईं तो टीन शेड से दुर्गंध महसूस हुई। महिलाएं इसकी सूचना अन्य लोगों को दी। क्षेत्र के ही अमित मौर्य ने सारनाथ पुलिस को सूचित किया। पुलिस घर के अंदर दाखिल हुई तो दोनों के शव फूलकर सड़ गए थे।
दादा और पिता जितन की मौत की सूचना पाकर पुत्र रामजी ओझा और पत्नी अस्मिता अन्य सदस्य पहुंचे। जितन के पुत्र रामजी ओझा ने पुलिस को बताया कि दादा बालेश्वर लगभग 30 साल पूर्व बिहार के भोजपुर से आकर श्रीनगर कॉलोनी स्थित डीह बाबा मंदिर पर पूजा पाठ करते थे। पिता जितन मजदूरी का काम करते थे। बीच में क्षय रोग से ग्रसित होने की वजह से पिता मजदूरी करना छोड़ दिए थे। लेढुपुर स्थित एक अस्पताल में एंबुलेंस चलाने वाले रामजी ने बताया कि लगभग दो माह पूर्व आया था तो दवा व अनाज का पैसा पिता को देकर गया था। छोटा भाई लक्ष्मण गाजियाबाद में पेंटिंग का काम करता है। सारनाथ थाने की पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। डीसीपी काशी जोन वरुणा विक्रांत वीर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि मौत की वजह क्या है। जहां तक बीमारी मुख्य वजह बताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिहार, भोजपुर जिले से सेमरिया गांव निवासी पिता बालेश्वर ओझा (85) व पुत्र जितन ओझा (52) पिछले 30 साल से श्रीनगर नगर कालोनी में टीन शेड के मकान में रहते थे। वह कॉलोनी के डीह बाबा मंदिर के पास माला फूल बेचकर जीविका चलाते थे। जितन की पत्नी व दो पुत्र आठ साल पूर्व बिहार चले गए थे। पिता और पुत्र ही मकान में रहते थे। सुबह के समय पड़ोस की महिलाएं बास देव बाबा के पास पीपल पेड़ की पूजा करने गईं तो टीन शेड से दुर्गंध महसूस हुई। महिलाएं इसकी सूचना अन्य लोगों को दी। क्षेत्र के ही अमित मौर्य ने सारनाथ पुलिस को सूचित किया। पुलिस घर के अंदर दाखिल हुई तो दोनों के शव फूलकर सड़ गए थे।
विज्ञापन
दादा और पिता जितन की मौत की सूचना पाकर पुत्र रामजी ओझा और पत्नी अस्मिता अन्य सदस्य पहुंचे। जितन के पुत्र रामजी ओझा ने पुलिस को बताया कि दादा बालेश्वर लगभग 30 साल पूर्व बिहार के भोजपुर से आकर श्रीनगर कॉलोनी स्थित डीह बाबा मंदिर पर पूजा पाठ करते थे। पिता जितन मजदूरी का काम करते थे। बीच में क्षय रोग से ग्रसित होने की वजह से पिता मजदूरी करना छोड़ दिए थे। लेढुपुर स्थित एक अस्पताल में एंबुलेंस चलाने वाले रामजी ने बताया कि लगभग दो माह पूर्व आया था तो दवा व अनाज का पैसा पिता को देकर गया था। छोटा भाई लक्ष्मण गाजियाबाद में पेंटिंग का काम करता है। सारनाथ थाने की पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। डीसीपी काशी जोन वरुणा विक्रांत वीर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि मौत की वजह क्या है। जहां तक बीमारी मुख्य वजह बताई जा रही है।
विज्ञापन