Varanasi: गड़बड़ आता है बिजली बिल, बाबू करते हैं मनमानी, नहीं होती सुनवाई; व्यवस्था में सुधार की अपील
वाराणसी में विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष से किसानों, बनुकरों, उद्यमियों ने व्यवस्था में सुधार की अपील की। विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में समाधान होगा। 40 में से 25 का गठन हुआ है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने अपनी टीम के साथ कमिश्नरी सभागार में जनसुनवाई की। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष, उद्यमी, बुनकर, बिल्डर्स के साथ ही उपभोक्ताओं ने आयोग के समक्ष अपनी बात रखी। इस दौरान 20 से ज्यादा लोगों ने अपनी समस्याएं अध्यक्ष के सामने रखकर बिजली निगम की कार्यशैली जग जाहिर कर दी। प्रबंध निदेशक से लेकर मुख्य अभियंता तक मौके पर मौजूद थे, लेकिन कुछ बोले नहीं। हालांकि, अध्यक्ष ने समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। साथ ही आयोग के फोरम में अपनी बात रखने को कहा। सभी ने अपनी समस्याओं का एक मांग पत्र भी आयोग के अध्यक्ष को सौंपा। इसकी कॉपी प्रबंध निदेशक शंभू कुमार को भी दी।
विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने समस्याओं को सुनने के बाद एक-एक कर जवाब दिया। कहा कि आयोग का काम बिजली दरों का निर्धारण करना है। यह हर साल अगले साल के लिए किया जाता है। सभी विद्युत निगमों में जनसुनवाई कर लोगों की समस्याएं जानने के साथ ही सुझाव भी लिए जा रहे हैं। टैरिफ दर का निर्धारण करने से पहले वितरण निगमों में जनसुनवाई में आने वाले बिंदुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
सामान्य उपभोक्ताओं से लेकर उद्यमी सहित अन्य लोगों की सुविधा के लिए ही आयोग की ओर से उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम बनाया गया है। इस पर समस्या बताई जा सकती है। ट्रांसफॉर्मर जलने, बिजली कनेक्शन में देरी, बिल में गड़बड़ी सहित अन्य समस्याओं को उठाया जा सकता है। पूर्वांचल में 40 फोरम का गठन होना है, इसमें 25 का गठन हो चुका है।
बिना नोटिस के बढ़ रहा विद्युत भार
उत्तर प्रदेश विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के अध्यक्ष से बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी ठीक नहीं है। निगम में केवल सितंबर में 470 मेगावाट और मार्च में 892 मेगावाट विद्युत उपभोक्ताओं का भार बिना नोटिस के बढ़ाया गया है, जो नियमों के विपरीत है। संविदा कर्मियों को समान काम-समान वेतन नहीं मिल रहा है।
मीटर रीडरों का 13 करोड़ रुपया बकाया है, ईपीएफ भी नहीं मिल रहा है। ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्वांचल में साल में 1220 करोड़ की बिजली चोरी होती है। साल दर साल ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं। विद्युत वितरण निगमों में लगभग 33,122 करोड़ रुपये का बकाया ( सर प्लस) है। इसे उपभोक्ताओं को लौटाया जाए। निगम एक साथ 40 फीसदी बिजली दर में कमी करे या पांच वर्ष तक कुछ दरें कम कर बकाया लौटाए।
उद्यमियों की समस्याएं निपटाएं
रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष दयाशंकर मिश्र ने बताया कि विद्युत दर बढ़ाने से पहले आयोग को उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण करने की जरूरत है। नया कनेक्शन लेने से लेकर लोड बढ़वाने, घटवाने के लिए चक्कर काटना मजबूरी है। ऑनलाइन प्रक्रिया भी जटिल है, इसे सरल बनाने की जरूरत है। विद्युत का अधिक उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं की दरों को कम रखने पर विचार करना होगा।
दिसंबर में आवेदन, फीस भी जमा, कनेक्शन का पता नहीं
करखियांव एग्रो पार्क में प्रोजेक्ट लगाने वाले उद्यमी राजेश अग्रवाल ने कहा कि 300 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट लगाने के लिए दिसंबर 2023 में 2950 केवीए के कनेक्शन के लिए आवेदन किया। दो करोड़ रुपये भी विभाग में नियमानुसार जमा किए। पोल लगा और तार भी खींचा गया, लेकिन अब तक बिजली का कनेक्शन नहीं मिल सका। इस वजह से उद्योग को चालू नहीं कर पा रहे हैं। इन सब मांगों की एक प्रति भी आयोग के अध्यक्ष को दी है।