{"_id":"638f97853bed014d8e328a70","slug":"farmers-are-waiting-for-sowing-and-committees-are-giving-answers-varanasi-news-vns6873026132","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: किसानों को बोआई का इंतजार और समितियां दे रहीं जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: किसानों को बोआई का इंतजार और समितियां दे रहीं जवाब
विज्ञापन
वाराणसी/दानगंज। गेहूं की बोआई का पीक समय में साधन सहकारी समितियों पर खाद (डीएपी) न होने से किसानों को केंद्रों का चक्कर काटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि बुआई का समय निकल रहा है ऐसे में निजी दुकानों पर महंगे दाम पर खाद खरीदना मजबूरी है।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार 15 नवंबर से 15 दिसंबर बीच गेहूं के बोआई का बेहतर समय माना जाता है। नवंबर बीत गया दिसंबर का पहला सप्ताह भी समाप्त होने वाला है और बीज गोदामों पर दो सप्ताह से गेहूं के बीज नहीं है। यहीं हाल सहकारी समितियों का जहां पर खाद ही नहीं है। क्षेत्र के 11 सहकारी साधन समितियों पर डीएपी खाद समाप्त हो गई है। किसान एक सप्ताह से समितियों के चक्कर काट रहे हैं।
जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौर्य ने बताया कि जिले में डीएपी खाद की कमी है। मंगलवार को एक रैक खाद शिवपुर पहुंची है। इसमें वाराणसी को 1700 एमटी (3400 बोरी) डीएपी खाद मिली है। दो दिनों जिले के सभी साधन सहकारी समिति के 84 केंद्रों पर खाद उपलब्ध होगी। इसमें प्रत्येक केंद्र पर 12 एमटी डीएपी, तीन एमटी एनपीके और 48 बोतल नैनो यूरिया उपलब्ध होगी। इसकी बिक्री के लिए जिलाधिकारी ने कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
विज्ञापन
वर्जन
समितियों पर डीएपी खाद की कमी है। मंगलवार को रैक (खाद से लदी ट्रेन) आने की संभावना है। आपूर्ति होते ही सभी समितियों पर ,ाद भेजी जाएगी। - अजित सिंह, सहायक आयुक्त, सहकारिता
इनसेट -----------
नहरों में पानी नहीं आने से किसान परेशान
चोलापुर विकास खंड में खाद की किल्लत के साथ नहरों में पानी नहीं है। इससे नहर के पानी के सहारे बोआई करने वाले किसान परेशान हैं। क्षेत्र में शारदा सहायक नहर, नियारडीह लिफ्ट कैनाल समेत अन्य नहरों में भी पानी नहीं है। किसानों का कहना है कि नहर में पानी आने पर ही खेत का पलेवा हो पाएगा। पलेवा के सप्ताह भर के बाद ही बुआई संभव है।
विज्ञापन
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार 15 नवंबर से 15 दिसंबर बीच गेहूं के बोआई का बेहतर समय माना जाता है। नवंबर बीत गया दिसंबर का पहला सप्ताह भी समाप्त होने वाला है और बीज गोदामों पर दो सप्ताह से गेहूं के बीज नहीं है। यहीं हाल सहकारी समितियों का जहां पर खाद ही नहीं है। क्षेत्र के 11 सहकारी साधन समितियों पर डीएपी खाद समाप्त हो गई है। किसान एक सप्ताह से समितियों के चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन
जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौर्य ने बताया कि जिले में डीएपी खाद की कमी है। मंगलवार को एक रैक खाद शिवपुर पहुंची है। इसमें वाराणसी को 1700 एमटी (3400 बोरी) डीएपी खाद मिली है। दो दिनों जिले के सभी साधन सहकारी समिति के 84 केंद्रों पर खाद उपलब्ध होगी। इसमें प्रत्येक केंद्र पर 12 एमटी डीएपी, तीन एमटी एनपीके और 48 बोतल नैनो यूरिया उपलब्ध होगी। इसकी बिक्री के लिए जिलाधिकारी ने कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
विज्ञापन
वर्जन
समितियों पर डीएपी खाद की कमी है। मंगलवार को रैक (खाद से लदी ट्रेन) आने की संभावना है। आपूर्ति होते ही सभी समितियों पर ,ाद भेजी जाएगी। - अजित सिंह, सहायक आयुक्त, सहकारिता
इनसेट -----------
नहरों में पानी नहीं आने से किसान परेशान
चोलापुर विकास खंड में खाद की किल्लत के साथ नहरों में पानी नहीं है। इससे नहर के पानी के सहारे बोआई करने वाले किसान परेशान हैं। क्षेत्र में शारदा सहायक नहर, नियारडीह लिफ्ट कैनाल समेत अन्य नहरों में भी पानी नहीं है। किसानों का कहना है कि नहर में पानी आने पर ही खेत का पलेवा हो पाएगा। पलेवा के सप्ताह भर के बाद ही बुआई संभव है।