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किसानों का मांगपत्र दोबारा भेजने की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 15 May 2016 01:29 AM IST
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हृदयपुर में किसानों ने प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए किया सुंदरकांड का पाठ।
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रिंग रोड योजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। शनिवार को आंदोलनकारी किसानों ने अहमदपुर में सुंदरकांड का पाठ किया जबकि हृदयपुर में हवन-पूजन का कार्यक्रम हुआ। उधर, जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय में हुई बैठक में तय हुआ कि किसानों की मांगों से जुड़ा पत्र दोबारा शासन को भेजा जाएगा।
मालूम हो कि शुक्रवार को महिला किसानों ने आंदोलन की सफलता के लिए ग्राम देवता का पूजन-अर्चन किया था। इसी क्रम को बढ़ाते हुए अहमदपुर में शाम को सुंदर कांड का आयोजन किया गया। इसमें सत्याग्रही किसानों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके समापन के बाद भगवान के जयकारों के साथ ही किसान एकता के नारे लगाए गए। वहीं हृदयपुर में सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन-पूजन हुआ। अहमदपुर, हृदयपुर के अलावा इदिलपुर में भी किसानों ने पूजा अर्चना की।
दूसरी ओर आंदोलन को लेकर किसानों का तेवर बरकरार है। आंदोलनकारी किसानों ने एक सुर में कहा कि वह जमानत नही कराएंगे और किसी किसान पर कोई कार्रवाई हुई तो जेल भरो आंदोलन चलाएंगे। बता दें कि रिंग रोड के अंतर्गत आने वाले गांवों में किसान पूरे मुआवजे को लेकर आंदोलित हैं। किसानों के विरोध को देखते हुए जिलाधिकारी ने 19 गांवों में काम बंद रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन सात गांवों में काम चलने की बात किसानों से कही जहां मुआवजे की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।
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इस पर किसान मान गए। सात गंाव इदिलपुर, प्रतापपट्टी, भगवानपुर, सिकंदरपुर, घमहापुर, मिर्जापुर, तुलसीपट्टी के किसानों का कहना है कि 2005 में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नही हो पाई वह अभी तक चल रही है। उनको भी जमीन का पूरा मुआवजा चाहिए। साथ ही तोड़े जा रहे घर, पेड़ आदि का भी पूरा प्रतिकर चाहिए। किसानों में विजय शंकर पांडेय, राजेश राय, प्रकाश त्रिपाठी, रवींद्र मिश्रा, जितेंद्र, अमरनाथ पटेल, श्यामलाल, कल्लू, सुमित्रा देवी, गुलाबी, पूनम, ज्ञानचंद्र प्रजापति आदि शामिल रहे।
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मालूम हो कि शुक्रवार को महिला किसानों ने आंदोलन की सफलता के लिए ग्राम देवता का पूजन-अर्चन किया था। इसी क्रम को बढ़ाते हुए अहमदपुर में शाम को सुंदर कांड का आयोजन किया गया। इसमें सत्याग्रही किसानों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके समापन के बाद भगवान के जयकारों के साथ ही किसान एकता के नारे लगाए गए। वहीं हृदयपुर में सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन-पूजन हुआ। अहमदपुर, हृदयपुर के अलावा इदिलपुर में भी किसानों ने पूजा अर्चना की।
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दूसरी ओर आंदोलन को लेकर किसानों का तेवर बरकरार है। आंदोलनकारी किसानों ने एक सुर में कहा कि वह जमानत नही कराएंगे और किसी किसान पर कोई कार्रवाई हुई तो जेल भरो आंदोलन चलाएंगे। बता दें कि रिंग रोड के अंतर्गत आने वाले गांवों में किसान पूरे मुआवजे को लेकर आंदोलित हैं। किसानों के विरोध को देखते हुए जिलाधिकारी ने 19 गांवों में काम बंद रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन सात गांवों में काम चलने की बात किसानों से कही जहां मुआवजे की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।
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इस पर किसान मान गए। सात गंाव इदिलपुर, प्रतापपट्टी, भगवानपुर, सिकंदरपुर, घमहापुर, मिर्जापुर, तुलसीपट्टी के किसानों का कहना है कि 2005 में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नही हो पाई वह अभी तक चल रही है। उनको भी जमीन का पूरा मुआवजा चाहिए। साथ ही तोड़े जा रहे घर, पेड़ आदि का भी पूरा प्रतिकर चाहिए। किसानों में विजय शंकर पांडेय, राजेश राय, प्रकाश त्रिपाठी, रवींद्र मिश्रा, जितेंद्र, अमरनाथ पटेल, श्यामलाल, कल्लू, सुमित्रा देवी, गुलाबी, पूनम, ज्ञानचंद्र प्रजापति आदि शामिल रहे।