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पांच बच्चों के साथ जान देने पहुंचा परिवार, ट्रेन के आगे लेटा, और फिर...
Mon, 23 Nov 2020 12:53 PM IST
गीतार्जुन गौतम
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Mon, 23 Nov 2020 12:53 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एक परिवार रोज-रोज के झगड़ों से परेशान होकर जान देने के लिए रेलवे लाइन पर लेट गया। ट्रेन से सभी कटने वाले ही थे कि आरपीएफ की नजर पड़ गई और सात लोगों की जान बचा ली। घटना रविवार की देर शाम हुई।
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जानकारी के अनुसार, रविवार की शाम छह बजे सीआरपीएफ के जवानों को लेकर सीआरपीएफ स्पेशल ट्रेन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या सात से खुली। ट्रेन जीवनाथपुर के पास पोल संख्या 674/25 के पास पहुंची थी। इसी बीच ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवान आरके सिंह ने देखा कि रेलवे लाइन पर पांच मासूम बच्चों के साथ दंपती रेलवे लाइन पर लेट गया है।
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यह देख उसके होश उड़ गए, आनन-फानन में उसने ट्रेन रुकवाई। बाद में पूरे परिवार को ट्रैक से हटाया और ट्रेन पास कराई। पूछताछ में पता चला कि वे पीडीडीयू नगर के काली महाल के रहने वाले हैं। रोज-रोज के झगड़े से तंग आकर पांच बच्चों संग पति-पत्नी आत्महत्या के इरादे से यहां आए थे।
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सभी बच्चे चार से 12 वर्ष के हैं। इस दौरान आरपीएफ ने पति-पत्नी और बच्चों को समझाया। काउंसलिंग करने के बाद परिवार को हिदायत दी गई कि भविष्य में ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे। पूरा परिवार आपस मे झगड़ा न करने को राजी हुआ। उन्हें समझा-बुझाकर उनके घर के लिए भेज दिया गया। आरपीएफ डीडीयू पोस्ट निरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने कहा कि आरपीएफ जवान की सतर्कता से परिवार की जान बच गई।