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फर्जी नंबर प्लेट: नियम कोई तोड़ रहा, ई-चालान किसी और के घर पहुंच रहा, यातायात पुलिस की बनारसियों से ये गुहार

Tue, 29 Sep 2020 03:16 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 29 Sep 2020 03:16 PM IST
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Fake number plate on vehicle broken traffic rules e challan sent to other home traffic police pleaded to varanasi people
वाराणसी ट्रैफिक पुलिस की लोगों से गुहार। - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी शहर में ई-चालान से बचने के लिए कई वाहन स्वामियों ने अपने वाहनों पर लगी नंबर प्लेट को बदल दिया है। कुछ ने डिजिट नंबर में खेल किया है तो किसी ने पूरी नंबर प्लेट ही बदल दी है। अब यातायात नियम तोड़ने पर उस नंबर का ई-चालान होता है तो जेब असली वाहन स्वामियों की ढीली हो जाती है।

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इस तरह की रोजाना शिकायतें यातायात पुलिस अधीक्षक तक पहुंच रही हैं। कुछ नंबरों को लेकर बार-बार आ रही शिकायतों से त्रस्त एसपी ट्रैफिक श्रवण कुमार सिंह ने मंगलवार को कुछ वाहनों का नंबर जारी करते हुए उनके असली वाहन स्वामियों का मोबाइल नंबर भी जारी किया है।
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वाराणसी की जनता से यह अपील भी की है कि इन नंबरों के वाहनों की जानकारी मिले तो इन वाहन स्वामियों के मोबाइल नंबर सहित यातायात पुलिस को सूचित करें। शहर के विभिन्न चौराहों पर कैमरे लगे हुए हैं।

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यातायात नियम तोड़ने के दौरान वाहनों पर लगी नंबर प्लेट के आधार पर ट्रैफिक पुलिस ई-चालान की कार्रवाई कर रही है। इनसे बचने के लिए अधिकतर वाहन स्वामियों ने नंबर प्लेट में गलत नंबर दर्ज कराया है ताकि नियम तोड़ने पर उनके वाहनों का ई-चालान न हो सके।

एसपी ट्रैफिक श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि शहर वासियों से अपील है कि फर्जी नंबर प्लेट लगे वाहनों की सूचना ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर 7317202020, 0452, 2500901, जिला नियंत्रण कक्ष 9454417477, नगर नियंत्रण कक्ष 9454401645 पर दें। वहीं यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

एक माह में हो रहा कई-कई बार चालान
वाहन स्वामियों की पीड़ा है कि कार, बुलट घर में ही खड़ी है और नो पर्किंग, सिग्नल तोड़ने और बगैर हेलमेट का चालान आ जा रहा है। एक माह में दो से तीन बार ई-चालान के नोटिस डाक द्वारा घर पहुंच रहे हैं।

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