ये कैसा समाधान: काशी के सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं देने के दावे फेल, नहीं कम हुईं मरीजों की दुश्वारियां
बीएचयू अस्पताल में नए सिरे से सीसीआई लैब में जांच तो शुरू हुई, लेकिन एमआरआई, अल्ट्रासाउंड के लिए इंतजार खत्म नहीं हुआ। वहीं, मारपीट के कारण डॉक्टर पांच दिन तक हड़ताल पर रहे। इस वजह से भी मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी।
विस्तार
वाराणसी जिले के सरकारी अस्पतालों में वर्ष 2023 में सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन मरीजों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। अधिकारियों की ओर से बेहतर सुविधाएं देने के दावों के बीच मरीजों को जांच, इलाज में देरी के साथ ही डॉक्टरों की कमी से भी जूझना पड़ा।
बीएचयू अस्पताल की बात करें तो नए सिरे से सीसीआई लैब में जांच तो शुरू हुई, लेकिन एमआरआई, अल्ट्रासाउंड के लिए इंतजार खत्म नहीं हुआ। वहीं, मारपीट के कारण डॉक्टर पांच दिन तक हड़ताल पर रहे। इस वजह से भी मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। दीनदयाल अस्पताल, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, शास्त्री अस्पताल रामनगर के अलावा स्वास्थ्य केंद्रों को मिलाकर हर दिन 5000 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं।
इसके अलावा बीएचयू अस्पताल में रोजाना सात हजार से अधिक मरीजों का इलाज होता है। यहां भी लाख प्रयास के बाद मरीजों को एमआरआई के लिए डेढ़ से दो महीने जबकि कलर डाप्लर अल्ट्रासाउंड के लिए 20 से 25 दिन की तारीख मिली। मंडलीय अस्पताल में एमआरआई की शुरुआत नहीं हो सकी। वहीं, शास्त्री अस्पताल रामनगर, दीनदयाल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी महज तीन दिन ही मिल पाई। नए साल में कुछ उम्मीद है कि बेहतर सुविधा मिले।
डॉक्टरों की कमी से बढ़ी परेशानी
तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में हृदय रोग विशेषज्ञ, चेस्ट फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट का पद नहीं भरा जा सका। वहीं, जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल परिसर स्थित एमसीएच विंग में भी स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए महिला मरीजों को परेशान होना पड़ा। नवंबर में शासन ने डॉक्टरों की तैनाती तो की, लेकिन दो डॉक्टर ही कार्यभार ग्रहण कर सके।
निजी कर्मचारी ने लिया सैंपल, फर्जी हेल्थ कार्ड पर इलाज
बीएचयू अस्पताल में निजी लैब के कर्मचारियों ने न केवल पर बेधड़क अस्पताल की इमरजेंसी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी सीसीयू सहित अन्य जगहों पर भर्ती मरीजों के सैंपल
लिए। वही, उनसे कम समय में रिपोर्ट देने का हवाला देते हुए जांच करने में भी सफल रहे। व्यवस्थागत खामियों की बात करें तो फर्जी हेल्थ डायरी पर इलाज करने वालों का
भी गिरोह सक्रिय है। छात्रों और कर्मचारियों के नाम पर जो हेल्थ डायरी ली गई है उसमें नाम बदलकर यहां तक की फर्जी एमआरडी नंबर जारी कर इलाज करा रहे हैं।
साल की कुछ प्रमुख घटनाएं और सुविधाएं
- 09 जून 2023 : जिले को एक साथ 96 एएनएम मिली। नियुक्ति पत्र भी मिला।
- 14 जून 2023: मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में हृदय रोग और उदर रोग की ओपीडी शुरू हो गई।
- 06 जुलाई 2023 : आईएमएस बीएचयू के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान को नई मशीन मिली।
- 08 जुलाई 2023 : निशुल्क दवा, ऑपरेशन के उपकरण देने वाला पहला संस्थान बना बीएचयू ट्रॉमा सेंटर।
- 16 जुलाई : उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 13 एमएनसीयू और 12 मिनी एनआरसी का शुभारंभ किया।
- 20 जुलाई : बीएचयू हृदय रोग विभाग में मरीजों को बेड न मिलने पर विभागाध्यक्ष और एडीएम में नोकझोंक
- 28 जुलाई : मंडलीय अस्पताल को पूर्वांचल के दूसरे सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिए 388 करोड़ के प्रस्ताव पर 216 करोड़ स्वीकृत।
- 08 अगस्त : राजकीय आयुर्वेद कॉलेज चौकाघाट में फाइलेरिया के मरीजों के लिए आईएडी सेंटर का शुभारंभ।
- 27 अगस्त : आयुष्मान भारत एप से आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बीएचयू से की शुरूआत।
- 03 सितंबर 2023 : बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर को मिली एनएबीएल की मान्यता।
- 10 सितंबर : आईएमएस बीएचयू को 16 महीने बाद मिला नया निदेशक।
- 6 सितंबर : दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब का शिलान्यास।
- 21 सितंबर : बीएचयू अस्पताल में डॉक्टरों और तीमारदारों में घटना।
- 27 सितंबर : पांच दिन तक हड़ताल के बाद काम पर लौटे।
- 25 सितंबर : शहरी सीएचसी सारनाथ में सिजेरियन प्रसव की शुरूआत।
- 17 अक्तूबर : बेनियाबाग जच्चा बच्चा केंद्र बना नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।
- 25 सितंबर : डेंगू के नये स्ट्रेन की दस्तक
- 15 अक्तूबर : बीएचयू अस्पताल परिसर में तीन दिन को बच्ची को फेंका।
- 18 नवंबर : बीएचयू में नई तकनीक से होगा हृदय की धमनियों का अल्ट्रासाउंड
- 20 नवंबर: बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में खुला बोन टिश्यू बैंक।
- 21 नवंबर: बीएचयू में शिक्षक और विद्यार्थी बनकर फर्जी हेल्थ कार्ड के सहारे इलाज करा रहे बिचौलिए।