{"_id":"621a8c22eb76de182953a1b4","slug":"evidence-of-wall-found-at-the-northern-end-of-shiv-mandir-varanasi-news-vns640546624","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एक सप्ताह से चल रही खोदाई: वाराणसी के बभनियांव में शिवमंदिर के उत्तरी छोर पर मिली दीवार के प्रमाण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक सप्ताह से चल रही खोदाई: वाराणसी के बभनियांव में शिवमंदिर के उत्तरी छोर पर मिली दीवार के प्रमाण
Sun, 27 Feb 2022 02:19 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Feb 2022 02:19 PM IST
सार
बीएचयू प्राचीन इतिहास पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग के प्रोफेसर अशोक सिंह ने बताया कि विभागाध्यक्ष प्रो. ओएन सिंह के निर्देशन में चल रही खोदाई में अब तक पूर्वी, पश्चिमी छोर पर दीवार की जानकारी मिल चुकी थी।
विज्ञापन
पुराविदों को मिल गई कुषाणकालीन शिव मंदिर की मूल दीवार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी के बभनियांव में पिछले एक सप्ताह से चल रही खोदाई में हर दिन पुरातत्वविदाें की टीम को नई नई जानकारियां मिल रही हैं। पहले यहां जो शिवमंदिर मिला था, उसके उत्तरी छोर पर वाह्य दीवार के होने का प्रमाण मिला है।
विज्ञापन
इसके अलावा यहां मंदिर की दीवार तोड़कर ईटों को भी निकाले जाने की जानकारी मिली। पुरातत्वविद का कहना है कि आज से करीब 500 साल पहले इस ईंट को निकाला गया होगा। बीएचयू प्राचीन इतिहास पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग के प्रोफेसर अशोक सिंह ने बताया कि विभागाध्यक्ष प्रो. ओएन सिंह के निर्देशन में चल रही खोदाई में अब तक पूर्वी, पश्चिमी छोर पर दीवार की जानकारी मिल चुकी थी।
विज्ञापन
शनिवार को मुख्य खत्ती में उत्तरी ओर उत्खनन प्रारंभ हुआ। इस दिशा में एक मीटर की खोदाई की गई, जिसमें एकमुखी शिवलिंग वाले मंदिर की उत्तरी दोनों चरणों में निर्मित वाह्य दीवार का पता चला। इसमें यह भी पता चला कि लोगों ने यहां पर मंदिर की दीवार तोड़कर्र इंटों को भी निकाला है।
विज्ञापन
मंदिर का स्वरुप स्पष्ट होने लगा
निचली दीवार के ऊपर दूसरी दीवार का निर्माण भी किया गया है। इतना ही नहीं मंदिर के चबूतरे और ऊपरी दीवार से मिलाकर एक नई फर्श का निर्माण करने की जानकारी भी मिली है। प्रो. अशोक ने बताया कि अब मंदिर का स्वरुप स्पष्ट होने लगा है। साथ ही इसकी निर्माण शैली के विभिन्न स्वरुपों का भी अनुमान लगने लगा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुराविद् प्रो. जेएन पाल रविवार को बभनियांव उत्खनन कार्य का निरीक्षण करेंगे।