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हर ओर उठी पर्यावरण संरक्षण की आवाज
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 06 Jun 2016 01:53 AM IST
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पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए लहुराबीर चौराहे से बच्चों ने निकाली स्केटिंग रैली।
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पर्यावरण संरक्षण के लिए रविवार को शहर भर में आवाज गूंजी। कहीं रैलियां निकाली गईं तो कहीं गोष्ठी, पौधरोपण और स्वच्छता अभियान के जरिये पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया गया। पुरुषों के साथ बच्चांे-महिलाओं ने भी इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भागीदारी की। मौका था, विश्व पर्यावरण दिवस का। शहर में हुए विविध आयोजनों में निजी संस्थानों की भागीदारी अधिक रही। पेड़-पौधों और जलतीर्थों को बचाने के साथ ही अधिकाधिक पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने का आह्वान किया गया। सरकारी स्तर पर कहीं पौधरोपण तो कहीं गोष्ठी के साथ पर्यावरण संरक्षण दिवस की रस्म निभाई गई।
बीएचयू में मधुबन स्थित तालाब की सफाई की गई। स्वच्छता अभियान के साथ यहां पौधरोपण किया गया। यहां कुलसचिव डॉ. केपी उपाध्याय, डॉ. एमआर पाठक, संजय कुमार, डॉ. अवधेश कुमार, मोती चंद्र, वेणुगोपाल आदि मौजूद रहे। जोधपुर कॉलोनी में कुलसचिव के नेतृत्व में 10 पौधे लगाए गए। दृश्य कला संकाय में भारत पेट्रोलियम के सहयोग से पांच से 15 वर्ष तक के बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता हुई। आईआईटी के रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग में 25 पौधे रोपे गए। पूर्व निदेशक प्रो. एसएन उपाध्याय, हेड प्रो. पीके मिश्रा, डॉ. नंदलाल सिंह आदि ने पौधे रोपे। सृष्टि संरक्षणम् की ओर से पिंटू कुमार के नेतृत्व में दुर्गाकुंड मंदिर के आसपास सफाई और पौधरोपण किया गया।
पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली गई। संस्थान डीरेका के बैनर तले वाराणसी जिला रोलर स्केटिंग और एसबी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस रैली के दौरान पेंटिंग प्रतियोगिता भी कराई गई। संस्थान के अध्यक्ष केबी सहाय, मुख्य अतिथि सुनील विश्वकर्मा और वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी राजकुमार गुप्ता ने झंडी दिखा रैली को रवाना किया। पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय क्रमश: प्रीति जायसवाल, कौस्तुभ श्रीवास्तव व हर्षिता गुप्ता रहीं। स्लोगन में प्रथम अन्वेषा चौधरी, द्वितीय हर्ष कुमार पांडेय, तृतीय पार्थ रघुवंशी रहे।
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संस्कृत विश्वविद्यालय में छात्रसंघ पुस्तकालय मंत्री सूर्य प्रकाश उपाध्याय के नेतृत्व में परिसर में पौधरोपण किया गया। विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष जयशंकर, जिला अध्यक्ष तपेश्वर चौधरी के देखरेख में जिला मुख्यालय पर पौधे रोपे गए। रोलर स्केटिंग स्कूल की ओर से बच्चों द्वारा आजाद पार्क से पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली गई। इस दौरान डॉ. रितु गर्ग, राजेश डोगरा, सोनी चौरसिया आदि रहे। तुलसीघाट पर संकट मोचन फाउंडेशन के निदेशक प्रो. शांतनु मिश्र ने राज कुमार सिंह द्वारा जल संरक्षण और पौधरोपण पर आधारित दस मिनट की लघु फिल्म ‘02’ का अनावरण किया। प्रो. विजयनाथ मिश्र, प्रो. सुनील कुमार, डॉ. मनीष आदि मौजूद रहे।
जागृति फाउंडेशन ने नागरिक सुरक्षा के कार्यकर्ताओं के साथ विश्व पर्यावरण दिवस पर शहर के कुंडों तालाबों को बचाने का संकल्प लिया। भदैनी स्थित सोनभद्र तालाब की सफाई के लिए श्रमदान किया गया। इस मौके पर फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र, राजेंद्र गुप्त, कमलेश मिश्रा,अवधेश मौर्या, पार्षद गोविंद शर्मा आदि मौजूद थे।
पिंडरा के सामुदायिक भवन परिसर में समाजसेवी नौशाद खां ने एक दर्जन पौधे लगाए। फूलपुर में रमाकांत दूबे मेमोरियल सेवा संस्थान की ओर से जागरूकता रैली निकली। रोहनिया के वीरभानपुर में विधायक महेंद्र सिंह पटेल ने पौधरोपण किया। किसान विद्यालय समिति शाहंशाहपुर में डॉ. कमलेश्वर सिंह ने किसानों से पर्यावरण की रक्षा करने को कहा। काशी सेवा शोध समिति के सौजन्य से समाजसेवी राम नरेश सिंह की स्मृति में 1001 वृक्ष लगाने की शुरुआत भीमचंडी से हुई। उधर, राजातालाब में आराजीलाइन की ब्लॉक प्रमुख नगीना ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। पीएम के आदर्श ग्राम नागेपुर में नवनिर्मित तालाब के किनारे प्रधान पारसनाथ राजभर, एसओ अनिल कुमार सिंह, श्यामसुंदर मास्टर ने पौधरोपण किया। रामनगर में रामबाग पोखरे के समीप प्राचीन मां दुर्गा मंदिर के प्रांगण में छात्रों ने पौधरोपण कर पर्यावरण रक्षा का संकल्प लिया।
कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने पौधों को पर्यावरण और जीवन का आधार बताते हुए कहा कि इसे संरक्षित करने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। विश्व पर्यावरण दिवस पर कमिश्नर और उनकी पत्नी ने अपने आवासीय परिसर में परिजात कल्पवृक्ष, मौल श्री, टैवीबिबीया रोजिया और स्पैथोडिया के लगभग एक दर्जन पौधे लगाए। बता दें कि यह जिले का दूसरा कल्पवृक्ष होगा। कल्पवृक्ष का एक पेड़ कैंटोनमेंट क्षेत्र में है।
सारनाथ में वन विभाग ने चंद लोगों के बीच महज गोष्ठी कर विश्व पर्यावरण दिवस की खानापूर्ति कर ली। विभाग की ओर से एक भी पौधा नहीं रोपा गया। खास तो यह कि गोष्ठी में उन लोगाें को शामिल किया गया, जो वहां घूमने पहुंचे थे। उधर, डीयर पार्क में चीतलों को चारा दिया गया। यहां करीब 75 चीतल, छह काले हिरण के अलावा मोर, सारस, लालमुनिया, एमू, जांघिल चिड़िया मौजूद हैं। मगरमच्छ और घड़ियाल भी सारनाथ पक्षी विहार में हैं।
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बीएचयू में मधुबन स्थित तालाब की सफाई की गई। स्वच्छता अभियान के साथ यहां पौधरोपण किया गया। यहां कुलसचिव डॉ. केपी उपाध्याय, डॉ. एमआर पाठक, संजय कुमार, डॉ. अवधेश कुमार, मोती चंद्र, वेणुगोपाल आदि मौजूद रहे। जोधपुर कॉलोनी में कुलसचिव के नेतृत्व में 10 पौधे लगाए गए। दृश्य कला संकाय में भारत पेट्रोलियम के सहयोग से पांच से 15 वर्ष तक के बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता हुई। आईआईटी के रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग में 25 पौधे रोपे गए। पूर्व निदेशक प्रो. एसएन उपाध्याय, हेड प्रो. पीके मिश्रा, डॉ. नंदलाल सिंह आदि ने पौधे रोपे। सृष्टि संरक्षणम् की ओर से पिंटू कुमार के नेतृत्व में दुर्गाकुंड मंदिर के आसपास सफाई और पौधरोपण किया गया।
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पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली गई। संस्थान डीरेका के बैनर तले वाराणसी जिला रोलर स्केटिंग और एसबी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस रैली के दौरान पेंटिंग प्रतियोगिता भी कराई गई। संस्थान के अध्यक्ष केबी सहाय, मुख्य अतिथि सुनील विश्वकर्मा और वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी राजकुमार गुप्ता ने झंडी दिखा रैली को रवाना किया। पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय क्रमश: प्रीति जायसवाल, कौस्तुभ श्रीवास्तव व हर्षिता गुप्ता रहीं। स्लोगन में प्रथम अन्वेषा चौधरी, द्वितीय हर्ष कुमार पांडेय, तृतीय पार्थ रघुवंशी रहे।
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संस्कृत विश्वविद्यालय में छात्रसंघ पुस्तकालय मंत्री सूर्य प्रकाश उपाध्याय के नेतृत्व में परिसर में पौधरोपण किया गया। विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष जयशंकर, जिला अध्यक्ष तपेश्वर चौधरी के देखरेख में जिला मुख्यालय पर पौधे रोपे गए। रोलर स्केटिंग स्कूल की ओर से बच्चों द्वारा आजाद पार्क से पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली गई। इस दौरान डॉ. रितु गर्ग, राजेश डोगरा, सोनी चौरसिया आदि रहे। तुलसीघाट पर संकट मोचन फाउंडेशन के निदेशक प्रो. शांतनु मिश्र ने राज कुमार सिंह द्वारा जल संरक्षण और पौधरोपण पर आधारित दस मिनट की लघु फिल्म ‘02’ का अनावरण किया। प्रो. विजयनाथ मिश्र, प्रो. सुनील कुमार, डॉ. मनीष आदि मौजूद रहे।
जागृति फाउंडेशन ने नागरिक सुरक्षा के कार्यकर्ताओं के साथ विश्व पर्यावरण दिवस पर शहर के कुंडों तालाबों को बचाने का संकल्प लिया। भदैनी स्थित सोनभद्र तालाब की सफाई के लिए श्रमदान किया गया। इस मौके पर फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र, राजेंद्र गुप्त, कमलेश मिश्रा,अवधेश मौर्या, पार्षद गोविंद शर्मा आदि मौजूद थे।
पिंडरा के सामुदायिक भवन परिसर में समाजसेवी नौशाद खां ने एक दर्जन पौधे लगाए। फूलपुर में रमाकांत दूबे मेमोरियल सेवा संस्थान की ओर से जागरूकता रैली निकली। रोहनिया के वीरभानपुर में विधायक महेंद्र सिंह पटेल ने पौधरोपण किया। किसान विद्यालय समिति शाहंशाहपुर में डॉ. कमलेश्वर सिंह ने किसानों से पर्यावरण की रक्षा करने को कहा। काशी सेवा शोध समिति के सौजन्य से समाजसेवी राम नरेश सिंह की स्मृति में 1001 वृक्ष लगाने की शुरुआत भीमचंडी से हुई। उधर, राजातालाब में आराजीलाइन की ब्लॉक प्रमुख नगीना ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। पीएम के आदर्श ग्राम नागेपुर में नवनिर्मित तालाब के किनारे प्रधान पारसनाथ राजभर, एसओ अनिल कुमार सिंह, श्यामसुंदर मास्टर ने पौधरोपण किया। रामनगर में रामबाग पोखरे के समीप प्राचीन मां दुर्गा मंदिर के प्रांगण में छात्रों ने पौधरोपण कर पर्यावरण रक्षा का संकल्प लिया।
कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने पौधों को पर्यावरण और जीवन का आधार बताते हुए कहा कि इसे संरक्षित करने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। विश्व पर्यावरण दिवस पर कमिश्नर और उनकी पत्नी ने अपने आवासीय परिसर में परिजात कल्पवृक्ष, मौल श्री, टैवीबिबीया रोजिया और स्पैथोडिया के लगभग एक दर्जन पौधे लगाए। बता दें कि यह जिले का दूसरा कल्पवृक्ष होगा। कल्पवृक्ष का एक पेड़ कैंटोनमेंट क्षेत्र में है।
सारनाथ में वन विभाग ने चंद लोगों के बीच महज गोष्ठी कर विश्व पर्यावरण दिवस की खानापूर्ति कर ली। विभाग की ओर से एक भी पौधा नहीं रोपा गया। खास तो यह कि गोष्ठी में उन लोगाें को शामिल किया गया, जो वहां घूमने पहुंचे थे। उधर, डीयर पार्क में चीतलों को चारा दिया गया। यहां करीब 75 चीतल, छह काले हिरण के अलावा मोर, सारस, लालमुनिया, एमू, जांघिल चिड़िया मौजूद हैं। मगरमच्छ और घड़ियाल भी सारनाथ पक्षी विहार में हैं।