UP : अब सनातनियों को ज्यादा बच्चे पैदा करने की सलाह..., काशी में बोले देवकीनंदन ठाकुर; कुरान पर कही बड़ी बात
Varanasi News : काशी में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने यूपी काॅलेज मामले में वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी करने पर छात्रों की सराहना की है। कहा कि आने वाला हिन्दुस्तान खतरे में पड़ सकता है, इसलिए सनातन को लेकर काफी सतर्क और गंभीर रहने की जरूरत है।
विस्तार
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि सनातनियों को हिंदू आबादी बढ़ाने का प्रयास करना होगा। हर सनातनी को चार से पांच बच्चे पैदा करने होंगे। इसे नोट कर लें और गंभीरता से लें। यह मजाक की बात नहीं है। अगर आप इसे मजाक समझ रहे हैं तो आने वाले समय में यह हिंदुस्तान- हिंदुस्तान नहीं बचेगा। अगर आप हम दो हमारे दो की सोच के साथ चलेंगे तो आने वाले समय में उन्हें रहने कौन देगा। आप बांग्लादेश को देख लीजिए। वहां रहने दे रहे हैं।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शनिवार को भागवत कथा के दौरान व्यासपीठ से देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि एक विचारधारा ऐसी है, जो नहीं चाहती कि हिंदुस्तान को हिंदुस्तान रहने दिया जाए। जब तक जनसंख्या नियंत्रण बिल न आ जाए, तब तक हर सनातनी के घर में चार से पांच बच्चे पैदा होने चाहिए।
भावगत ग्रंथ संस्कारों का विश्वविद्यालय है। इसमें हर समस्या का समाधान है। हर घर में यह ग्रंथ होना चाहिए और जब समय मिले तो इसको पढ़ें। इसके विचारों को अपने जीवन में उतारें। सनातन बोर्ड के गठन से 90 फीसदी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। कथा उन छात्रनेताओं के लिए ताली बजाते हैं, जिन्होंने वक्फ बोर्ड को नोटिस वापस लेने के लिए विवश किया
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि 115 साल पुराने यूपी कॉलेज की जमीन पर वक्फ बोर्ड ने अपना दावा किया था। वक्फ बोर्ड ने पहले नोटिस भेजा था। जब मामला बढ़ने लगा तो उसने नोटिस वापस ले लिया। जब नोटिस वापस हो गया तो वहां पर मजार क्या कर रही है।
कुरान में लिखा है कि जबरदस्ती किसी जमीन पर कब्जा करके नमाज नहीं पढ़ी जा सकती है। स्कूल-कॉलेज पढ़ने के लिए होता है। हम उन छात्र नेताओं के लिए जोरदार ताली बजाते हैं, जिन्होंने वक्फ बोर्ड को नोटिस वापस लेने के लिए विवश कर दिया। कहा कि पहले 33 कोटि देवी देवता थे लेकिन अब हर दिन एक देवता प्रगट हो जाते हैं।
ज्ञानवापी पर सिर्फ महादेव का एकाधिकार
वाराणसी। भागवत वक्ता देवकीनंदन ठाकुर ने व्यासपीठ से कहा कि ज्ञानवापी पर सिर्फ महादेव का एकाधिकार होना चाहिए। महादेव की कृपा से यह सुनिश्चित है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत में बांग्लादेश नहीं बनने देंगे। यदि सारे सनातनी इकट्ठे हो गए तो सारी समस्याएं अपने आप हल हो जाएंगी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा वरशिप एक्ट पर बेंच का गठन एवं मुकदमे की तारीख तय करने को महादेव का आशीर्वाद बताया और कहा कि अब सभी देवालयों की मुक्ति का समय आ गया है। उन्होंने सनातनियों से आग्रह किया कि जब तक जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं आ जाता तब तक हर घर में राम,लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न की जोड़ी होनी चाहिए।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप में चल रही सप्ताहव्यापी श्रीमद भागवत कथा के सातवें दिन और सिय पिय मिलन विवाह महामहोत्सव के अंतिम दिन कथा श्रवण कराते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि जब हम कुमार्ग पर बढ़ने लगते हैं तो भागवत ही हमें सन्मार्ग पर ले जाता है। आज घरों से सनातन प्रतीक ही खत्म होते जा रहे हैं जो चिंता का विषय है, अपनी नई पीढ़ी में सनातनी संस्कार डालिए। उन्हें तिलक लगाना सिखाएं, शिखा रखें, गले में तुलसी की माला धारण करें, जिससे कम से कम सनातन के प्रतीक और विचारों का ज्यादा से ज्यादा प्रचार हो सके।
उन्होंने कहा कि हमें अपनी देवभाषा संस्कृत और मातृभाषा हिंदी पर गर्व होना चाहिए। कथा के अंत में उन्होंने कहा कि यह भागवत ही है जिसके श्रवण मात्र से हम ऋषि ऋण से मुक्त हो जाते हैं। व्यासपीठ का पूजन पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह, सिया दीदी, अशोक अग्रवाल, वेद अग्रवाल, राधे गोविंद केजरीवाल, दीपक बजाज, सुरेश तुलस्यान ने किया। आरती श्रीराम शर्मा, तरु शर्मा, वैभव, राघव, गोविंद, विनय, संचित, विवेक अनादि, सुशील लोहिया, मन्नू आदि ने उतारी।