गंगा आरती पर रोक : काशी में भीड़ व सुरक्षा को लेकर लिया गया निर्णय, नाव संचालन की जान लें टाइमिंग; पढ़ें अपडेट
गंगा घाटों पर होने वाली सांध्यकालीन आरती पर 26 फरवरी तक रोक लगा दी गई है। डीसीपी काशी जोन ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है और आदेश का पालन सख्ती से कराया जाएगा।
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Ganga Aarti in Varanasi : प्रयागराज महाकुंभ से काशी आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उनकी सुरक्षा को देखते हुए गंगा घाटों पर होने वाली सांध्यकालीन आरती पर 26 फरवरी तक रोक लगा दी गई। पुलिस प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि गंगा घाटों पर होने वाली सांध्यकालीन आरती को देखने के लिए बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। गंगा घाटों पर सीमित जगह है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। इसलिए गंगा किनारे घाटों पर होने वाली आरती रोकी गई है।
आरती पर रोक 11 फरवरी से जारी है। इस सिलसिले में आरती समितियों से भी बात की गई है। पुलिस प्रशासन के फैसले पर आरती समितियों की बैठक चल रही है। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने कहा कि सांकेतिक आरती ही कराई जा रही है। आरती पर प्रतिबंध से संबंधित जानकारी है। इस पर जल्द ही समितियां कुछ निर्णय लेंगी।
रात आठ बजे तक होता था गंगा में नावों का संचालन
गंगा में नावों का संचालन शाम छह बजे तक ही होगा। जल पुलिस ने समय सीमा का प्रतिबंध 26 फरवरी तक बढ़ा दिया है। इससे पहले 15 फरवरी तक प्रतिबंध लगाया गया था। सामान्य तौर पर नावों का संचालन रात आठ बजे तक होता था।
जल पुलिस के मुताबिक, पर्यटक और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए नावों का संचालन दो घंटे पहले बंद किया जा रहा है। डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि शाम छह बजे के बाद गंगा में किसी भी तरह की नावों का संचालन नहीं होगा। इसकी अनदेखी करने वाले नाविक और उनके मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।