{"_id":"6419c4605669a8c81a0e01c6","slug":"evaluation-of-166-lakh-copies-in-four-days-varanasi-news-c-20-vns1013-114906-2023-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: यूपी बोर्ड परीक्षा की खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: यूपी बोर्ड परीक्षा की खबर
विज्ञापन
फोटो
चार दिन में 1.66 लाख कॉपियों का मूल्यांकन
परीक्षकों की कमी से हो सकती है देरी, 500 से 600 परीक्षक रोज अनुपस्थित
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा की काॅपियों के मूल्यांकन में परीक्षकों की कमी को दूर करना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। रोज 500 से 600 परीक्षक केंद्रों पर कॉपी जांचने नहीं पहुंच रहे हैं। अगर जल्द ही इस कमी को दूर नहीं किया गया तो मूल्यांकन में देरी हो सकती है। 18 मार्च से शुरू मूल्यांकन में अब तक चार दिन में 1.66 लाख काॅपियों की जांच हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जिले में राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज, भारतीय शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज इंग्लिशिया लाइन, प्रभु नारायण राजकीय इंटर कॉलेज रामनगर और महाबोधि इंटर कॉलेज सारनाथ में कॉपियों की जांच हो रही है। इंग्लिशिया लाइन और सारनाथ में हाईस्कूल बाकी केंद्रों पर इंटर की कॉपियां जांची जा रही है। मंगलवार को चारों केंद्रों पर वो शिक्षक भी मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे थे। जिन्होंने सोमवार शाम कार्य बहिष्कार समाप्त करने की घोषणा की थी। मंगलवार को कुल 2666 में से 2062 परीक्षकों ने 65088 कॉपियों का मूल्यांकन किया। इंग्लिशिया लाइन केंद्र पर सर्वाधिक 21,222 जबकि क्वींस कॉलेज पर 17,746, सारनाथ केंद्र पर 17,466 और प्रभु नारायण इंटर कॉलेज रामनगर में 8,654 कॉपियां जांची गईं।
11 दिन में 4,15,180 कॉपियों की होनी है जांच
18 मार्च से शुरू मूल्यांकन एक अप्रैल तक चलेगा। ग्यारह दिन में 4,15,180 कॉपियों जांचनी बाकी है। अब शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षकों की संख्या बढ़ाने की तैयारी चल रही है, ताकि समय से मूल्यांकन खत्म कराकर उसकी रिपोर्ट परिषद को भेजी जा सके।
विज्ञापन
वर्जन
मूल्यांकन केंद्रों पर जिन परीक्षकों की डयूटी लगाई गई है, उन्हें हर हाल में केंद्रों पर पहुंचना है। केंद्रवार अनुपस्थित रहने वालों की सूची तैयार कराई जा रही है। नियमानुसार सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. गिरीश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
चार दिन में 1.66 लाख कॉपियों का मूल्यांकन
परीक्षकों की कमी से हो सकती है देरी, 500 से 600 परीक्षक रोज अनुपस्थित
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा की काॅपियों के मूल्यांकन में परीक्षकों की कमी को दूर करना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। रोज 500 से 600 परीक्षक केंद्रों पर कॉपी जांचने नहीं पहुंच रहे हैं। अगर जल्द ही इस कमी को दूर नहीं किया गया तो मूल्यांकन में देरी हो सकती है। 18 मार्च से शुरू मूल्यांकन में अब तक चार दिन में 1.66 लाख काॅपियों की जांच हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जिले में राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज, भारतीय शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज इंग्लिशिया लाइन, प्रभु नारायण राजकीय इंटर कॉलेज रामनगर और महाबोधि इंटर कॉलेज सारनाथ में कॉपियों की जांच हो रही है। इंग्लिशिया लाइन और सारनाथ में हाईस्कूल बाकी केंद्रों पर इंटर की कॉपियां जांची जा रही है। मंगलवार को चारों केंद्रों पर वो शिक्षक भी मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे थे। जिन्होंने सोमवार शाम कार्य बहिष्कार समाप्त करने की घोषणा की थी। मंगलवार को कुल 2666 में से 2062 परीक्षकों ने 65088 कॉपियों का मूल्यांकन किया। इंग्लिशिया लाइन केंद्र पर सर्वाधिक 21,222 जबकि क्वींस कॉलेज पर 17,746, सारनाथ केंद्र पर 17,466 और प्रभु नारायण इंटर कॉलेज रामनगर में 8,654 कॉपियां जांची गईं।
विज्ञापन
11 दिन में 4,15,180 कॉपियों की होनी है जांच
18 मार्च से शुरू मूल्यांकन एक अप्रैल तक चलेगा। ग्यारह दिन में 4,15,180 कॉपियों जांचनी बाकी है। अब शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षकों की संख्या बढ़ाने की तैयारी चल रही है, ताकि समय से मूल्यांकन खत्म कराकर उसकी रिपोर्ट परिषद को भेजी जा सके।
विज्ञापन
वर्जन
मूल्यांकन केंद्रों पर जिन परीक्षकों की डयूटी लगाई गई है, उन्हें हर हाल में केंद्रों पर पहुंचना है। केंद्रवार अनुपस्थित रहने वालों की सूची तैयार कराई जा रही है। नियमानुसार सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. गिरीश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक