गांवों में आतंक मचाने के बाद वापस सेंचुरी एरिया पहुंचा हाथियों का झुंड, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
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सोनभद्र जिले में छत्तीसगढ़ के सेंचुरी एरिया से भटक कर आए हाथियों के झुंड वापस सेंचुरी एरिया में लौट गया। हाथियों ने जरहां और बभनी वन रेंज के कई गांवों के किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया था। हाथियों के सेंचुरी एरिया में जाने के बाद ग्रामीणों व वन कर्मियों ने राहत की सांस ली है।
छत्तीसगढ़ के सेंचुरी एरिया से भटक कर आए हाथियों के झुंड ने सप्ताह भर बभनी व जरहां रेंज में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया, वहीं उनके घरों को भी क्षतिग्रस्त किया। जरहां वन रेंज के नेमना गांव में हाथियों के झुंड ने एक सात वर्षीय मासूम बच्ची सुनैना को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया।
हाथियों ने में रम्पाकुरर, डूमरहर, मंगरमाड, नवाटोला, नेमना, झापर, चरचरी, केसारी, घटाकुड बभनी, गिरवानी समेत कई गांवों में काफी संख्या में किसानों की फसलों को नुकसान किया। हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत थी। हाथियों के सेंचुरी एरिया में चले जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
छत्तीसगढ़ चरचरी रेंज के वन दरोगा शंखलाल ने बताया कि बुधवार को हाथियों के झुंड को किसी प्रकार से सेंचुरी एरिया में भेजा गया है। सभी हाथी पिंगला सोनहट के रास्ते सेंचुरी एरिया में पहुंच गए हैं। इधर बभनी रेंज के वन दरोगा ठेगूराम ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में हाथियों का कोई पता नहीं लगा है।
छत्तीसगढ़ के वनकर्मियों से वार्ता भी की गई। वनकर्मियों ने बताया कि हाथियों का झुंड सेंचुरी एरिया में पहुंच चुका है। ग्रामीणों को अभी भी हाथियों का डर सता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी फिर गांव में न आ जाएं। वनकर्मियों का कहना है कि हाथियों के जाने के बाद भी टीम निगरानी में लगी हुई है।