यूपी: आठ हजार जेब में रखते ही पहुंच गई एंटी करप्शन की टीम, बिजली निगम का लिपिक अरेस्ट; इसलिए मांगी थी रिश्वत
भ्रष्टाचार निवारण संगठन मिर्जापुर की टीम ने विद्युत निगम के कार्यकारी सहायक प्रशांत कुमार सोनी को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह बिजली कनेक्शन के स्थायी विच्छेद के लिए रिश्वत मांग रहा था। शिकायत पर टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई।
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भ्रष्टाचार निवारण संगठन मिर्जापुर की टीम ने शुक्रवार को विद्युत निगम के कार्यकारी सहायक प्रशांत कुमार सोनी को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर बिजली कनेक्शन के स्थायी विच्छेद के काम के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है। कार्रवाई के बाद भदोही कोतवाली में आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
प्रशांत कुमार सोनी अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम, भदोही के कार्यालय में कार्यकारी सहायक के पद पर तैनात है। वह करीब पांच साल से इसी कार्यालय में कार्यरत है। वह बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र का निवासी बताया गया है।
भदोही नगर निवासी विकास कुमार गुप्ता ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बिजली कनेक्शन के स्थायी विच्छेद से संबंधित काम कराने के लिए प्रशांत कुमार सोनी उनसे आठ हजार रुपये की मांग कर रहा है। शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन मिर्जापुर मंडल की टीम ने मामले की जांच की और आरोपों की पुष्टि के बाद कार्रवाई की योजना बनाई।
शुक्रवार को टीम ने शिकायतकर्ता के माध्यम से आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही प्रशांत कुमार सोनी ने शिकायतकर्ता से आठ हजार रुपये लिए, पहले से मौजूद टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर भदोही कोतवाली ले जाया गया।
अचानक हुई कार्रवाई से विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई। टीम की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
कार्रवाई करने वाली टीम में निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, पति राम यादव, भीमशंकर मिश्रा, मुख्य आरक्षी भूपेंद्र सिंह यादव, विशाल उपाध्याय, सुबीर कुमार, ओमकार यादव, कौशल राय, आरक्षी सूरज कुमार गुप्ता, पियुष कुमार सिंह, सर्वेश तिवारी, प्रशांत सिंह, आलोक मिश्रा और नंदलाल शामिल रहे।