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पूर्वांचल में बाहुबलियों की हैसियत बताएंगे चुनाव परिणाम
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 25 Feb 2017 01:18 PM IST
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mukhtar ansari brijesh singh
- फोटो : अमर उजाला
11 मार्च को चुनाव परिणाम आने के साथ ही यह भी साफ हो जाएगा कि पूर्वांचल के बाहुबली कितने पानी में हैं। इस बार पूर्वांचल में बाहुबलियों की प्रतिष्ठा खुद के चुनाव के साथ ही सगे-संबंधियों के चलते भी दांव पर है।
पूरब की सियासत के जानकारों का कहना है कि अगर बाहुबली विधानसभा चुनाव जीत गए और उनके सगे संबंधी हार गए तो भी उनकी किरकिरी होगी। यदि सगे संबंधी जीत गए और वे खुद हार गए तो उनके रसूख के लिए इससे ज्यादा बुरा कुछ और नहीं होगा।
वाराणसी सेंट्रल जेल में निरुद्ध एमएलसी बृजेश सिंह के भतीजे सुशील सिंह चंदौली के सैयदराजा विधानसभा से बसपा प्रत्याशी हैं।
जेल में होने के कारण बृजेश का चुनाव प्रचार कर पाना असंभव है मगर उनकी पत्नी पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह चुनाव प्रचार में कमी नहीं होने दे रही हैं।
जेल में मुलाकातियोें से मिलने वाली जानकारी के आधार पर बृजेश भी चुनावी समीकरण फिट कर रहे हैं। मऊ जिले की सदर विधानसभा से बृजेश के धुर विरोधी मुख्तार अंसारी बसपा प्रत्याशी है।
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पूरब की सियासत के जानकारों का कहना है कि अगर बाहुबली विधानसभा चुनाव जीत गए और उनके सगे संबंधी हार गए तो भी उनकी किरकिरी होगी। यदि सगे संबंधी जीत गए और वे खुद हार गए तो उनके रसूख के लिए इससे ज्यादा बुरा कुछ और नहीं होगा।
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वाराणसी सेंट्रल जेल में निरुद्ध एमएलसी बृजेश सिंह के भतीजे सुशील सिंह चंदौली के सैयदराजा विधानसभा से बसपा प्रत्याशी हैं।
जेल में होने के कारण बृजेश का चुनाव प्रचार कर पाना असंभव है मगर उनकी पत्नी पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह चुनाव प्रचार में कमी नहीं होने दे रही हैं।
जेल में मुलाकातियोें से मिलने वाली जानकारी के आधार पर बृजेश भी चुनावी समीकरण फिट कर रहे हैं। मऊ जिले की सदर विधानसभा से बृजेश के धुर विरोधी मुख्तार अंसारी बसपा प्रत्याशी है।
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मुख्तार, रमाकांत, बजरंगी और बृजेश के बूते चुनाव लड़ रहे उनके संबंधी
munna bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, मुख्तार का बड़ा बेटा अब्बास अंसारी मऊ की घोसी से बसपा प्रत्याशी है। जेल में निरुद्ध होने के कारण मुख्तार के नाम के सहारे दोनों बेटे अब्बास और उमर प्रचार-प्रसार में जीजान से जुटे हुए हैं।
पूर्व सांसद रमाकांत यादव का बेटा अरुण कांत यादव आजमगढ़ की फूलपुर विधानसभा से भाजपा से प्रत्याशी है। चुनाव जीतने के लिए पिता-पुत्र दोनों ने पूरा दम लगा दिया है।
उधर, झांसी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह जौनपुर की मड़ियाहूं विधानसभा से अपना दल प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में है।
इसी तरह चंदौली की सैयदराजा विधानसभा से बसपा प्रत्याशी रांची जेल में निरुद्ध विनीत सिंह, जौनपुर की मल्हनी सीट से निषाद पार्टी से धनंजय सिंह और भदोही से निषाद पार्टी से चुनाव लड़ रहे विजय मिश्र को खुद के लिए नई राजनीतिक जमीन की तलाश है।
पूर्व सांसद रमाकांत यादव का बेटा अरुण कांत यादव आजमगढ़ की फूलपुर विधानसभा से भाजपा से प्रत्याशी है। चुनाव जीतने के लिए पिता-पुत्र दोनों ने पूरा दम लगा दिया है।
उधर, झांसी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह जौनपुर की मड़ियाहूं विधानसभा से अपना दल प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में है।
इसी तरह चंदौली की सैयदराजा विधानसभा से बसपा प्रत्याशी रांची जेल में निरुद्ध विनीत सिंह, जौनपुर की मल्हनी सीट से निषाद पार्टी से धनंजय सिंह और भदोही से निषाद पार्टी से चुनाव लड़ रहे विजय मिश्र को खुद के लिए नई राजनीतिक जमीन की तलाश है।