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वाराणसी : काम नहीं आया प्रयास, गैस शवदाह गृह की एक मशीन नहीं हो पाई चालू
Fri, 23 Apr 2021 07:39 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Fri, 23 Apr 2021 07:39 PM IST
सार
अब दिल्ली से शनिवार को आएंगे इंजीनियर, उसके बाद ही होगी ठीक
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी में हरिश्चंद्र घाट स्थित गैस शवदाह गृह की एक मशीन देर शाम तक नहीं बन सकी। नगर निगम के इंजीनियरों के काफी प्रयास के बाद भी वह चालू नहीं हो सकी। अब इसके लिए दिल्ली की कंपनी को सूचना दी गई है। वहां के इंजीनियर आकर इसकी मरम्मत करेंगे।
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गैस शवदाह गृह के प्रभारी अजय राम ने बताया कि एक मशीन चालू है। इससे कोरोना के शव को जलाने का काम जारी है। दूसरी मशीन को बनाने के लिए स्थानीय मैकेनिकों की भी मदद ली जा रही है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। शनिवार तक दिल्ली के इंजीनियर आकर इसको ठीक कर सकते हैं। इस दौरान घाट पर कोरोना के शव लाने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। इसके लिए लकड़ी पर भी शव जलाने की व्यवस्था की गई है।
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कोरोना के शव को लकड़ी पर जलाने के लिए 7000 रुपये और सामान्य शव को लकड़ी पर जलाने के लिए 5000 रुपये रेट निर्धारित किया गया। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए केवल 500 जमा करने होंगे। बाकी साढ़े छह हजार रुपये लकड़ी का पैसा नगर निगम अपनी निधि से चौधरियों को देगा। शुक्रवार को आठ कोरोना के शव मशीन में जलाए गए।
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