फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Effect of boat shutdown in varanasi Passengers on cruise disembarked bookings cancelled

नौका बंदी का असर : क्रूज पर सवार यात्रियों को उतारा, मायूस हुए पर्यटक; बुकिंग कैंसिल कर पैसा किया वापस

Tue, 04 Feb 2025 03:34 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 04 Feb 2025 03:34 AM IST
सार

काशी में गंगा की सैर का लुत्फ उठाने आए पर्यटकों को निराश होना पड़ा। नाैका बंदी के कारण वे लोग क्रूज से नीचे उतर गए। उनका पैसा भी वापस कर दिया गया।

विज्ञापन
Effect of boat shutdown in varanasi Passengers on cruise disembarked bookings cancelled
गंगा किनारे खड़ी नाव और मोटरबोट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नाविकों की ओर आयोजित नौका बंदी का असर क्रूज और बजड़े पर भी पड़ा। गंगा में प्रतिदिन चलने वाले छह क्रूज और छह सौ से अधिक बजड़ों का संचालन नहीं हुआ। अलकनंदा क्रूज लाइन ने सात सौ पर्यटकों जबकि अस्सी घाट के क्रूज ने दो सौ से अधिक पर्यटकों की पूर्व बुकिंग कैंसिल कर पैसा रिफंड कर दिया। 

विज्ञापन


क्रूज संचालकों ने बताया कि कैंसिल बुकिंग आगामी दिवस पर पर्यटक को स्वयं करानी होगी। इसे रीशिड्यूल नहीं किया जा सकता। अनुमान के मुताबिक पहले दिन करीब क्रूज और बजड़ा संचालकों पांच लाख से अधिक की कुकिंग कैंसिल की। मंगलवार को भी पर्यटकों के नौका विहार का कार्यक्रम अनिश्चत हैं।
विज्ञापन


पहले दिन करीब 10 लाख का कारोबार प्रभावित
गंगा में प्रतिदिन ढ़ाई हजार छोटी बड़ी नावों और क्रूज का संचालन होता है। अनुमान के मुताबिक पहले दिन करीब 10 रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ। गंगा में छह बड़े क्रूज जबकि पांच सौ बड़े बजड़ों और नावों का संचालन होता है। इसमें लाखों लोग सवार होकर गंगा आरती देखते और नौका विहार करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

मायूस लौटे पर्यटक, नहीं कर सके नौका विहार
महाकुंभ के बाद काशी लौट रहे पर्यटक सोमवार को नौका विहार नहीं कर सके। जनकपुर नेपाल से आए अरविंद ने बताया कि वे कुंभ से स्नान कर काशी लौटे तो नौका विहार करना चाहते थे। सुबह नौ बजे घाट पर पहुंचे लेकिन नौका संचालन बंद होने की वजह से उन्हें लौटना पड़ा। 

परिश्च बंगा की ज्योत्सना बंदोपाध्याय ने बताया कि यहां का सुबहे बनारस सुना था, पहले से ऑनलाइन नाव भी बुक था लेकिन नाव संचालक ने नाव में घुमाने से इनकार कर दिया। प्रतिदिन डेढ़ लाख से पर्यटक नावों में सवार होकर गंगा आरती और घाटों का दीदार करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed