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पीएम के जाते ही हस्तकला संकुल हुआ बेहाल, अब पीने का पानी भी नहीं हो रहा नसीब

Fri, 16 Mar 2018 05:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 16 Mar 2018 05:17 PM IST
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Drinking water not available in deendayal hastkala sankul
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस बनारस के दीनदयाल हस्तकला संकुल को अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकाने में जुटे हैं, वहां सुविधाओं का हाल बेहाल हो गया है। सफाई व्यवस्था बेपटरी हो गई है वहीं, लोगों को पीने के लिए पानी तक नसीब नहीं हो रहा। महिला टॉयलेट में ताला लगा दिया गया है।
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ऐसे में यहां आने वाले सैकड़ों विजिटर्स को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। हस्तकला संकुल में शिल्प संग्रहालय को गुरुवार को 300 से ज्यादा लोगों ने देखा। यहां पहुंच रहे लोगों को बुनियादी जरूरतों का टोटा झेलना पड़ रहा है।
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यहां लगी पेयजल की आरओ मशीनों को निकाल लिया गया है। इसके चलते लोगों को पानी भी पीने को नसीब नहीं हो रहा है। वहीं, आरओ मशीन हटाने की वजह से बाथरूम में पानी भर गया है। लोगों को अंदर घुसने में भी दिक्कत पेश आ रही है।
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वहीं, वॉश बेसिन पान की पीकों से पट गया है। बदबू से भी लोग इसका इस्तेमाल करने से बच रहे हैं। महिलाओं को भी यहां बड़ी समस्या झेलनी पड़ रही है। महिला वॉशरूम को लॉक कर दिया गया है। सफाई की भी हालत खस्ता है।

विभागीय सूत्रों की मानें तो इसकी सुविधा और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही एनबीसीसी अपना काम यहां से समेट रही है। ऐसे में आरओ से लेकर सफाई कर्मचारी में कटौती कर रही है इसलिए समस्या पैदा हो रही है। वहीं, सुरक्षा से भी समझौता किया जा रहा है। गार्डों की संख्या में भी कमी लाई गई है। छह से आठ गार्ड कम हुए हैं।

संकुल से खास गद्दे गायब

Drinking water not available in deendayal hastkala sankul
शाही गद्दे - फोटो : file photo
हस्तकला संकुल से वे गद्दे गायब हो गए हैं, जिन पर बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ‘चित्रकूट’ का मंचन देखा था। गद्दों की तलाश के लिए संकुल में गहन तलाशी चल रही है। सीसीटीवी फुटेज का सहारा भी लिया जा रहा है। दूसरी ओर सुरक्षा गार्डों का कहना है कि गद्दे परिसर से बाहर नहीं निकाले गए हैं।

12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के साथ संकुल गए थे। दोनों नेताओं ने काशी की कला व संस्कृति का जीवंत दर्शन किया।

इस दौरान संकुल के अंदर ही कलाकारों ने राम वन गमन से लेकर भगवान राम के अयोध्या लौटने तक की कथा को नृत्य नाटिका ‘चित्रकूट’ के माध्यम से उनके समक्ष पेश किया था। उन्होंने लगभग पांच मिनट तक प्रस्तुति देखी थी। कार्यक्रम के मद्देनजर दोनों राजनेताओं के बैठने के लिए तैयार मसनद में खास गद्दे लगाए गए थे।

वहीं समय से पहले ही संकुल में चल रहा शिल्पोत्सव सिमट गया। दरअसल 10 से 15 मार्च तक आयोजित शिल्पोत्सव में 20 शिल्पियों ने दुकान लगाई थीं। पीएम के जाते ही दूसरे ही दिन आधे लोगों ने अपनी दुकान समेट ली। जो बचे थे वह जाते रहे। अंतिम दिन तीन-चार स्टॉल ही नजर आए।

इसका कारण खरीदारी न होना रहा। उधर हस्तकला संकुल में संगीत संग्रहालय में रखे साज को शीशे में सुरक्षित कर दिया गया है। अब शहनाई, सितार, तबला सहित अन्य साज को शीशे में रख दिया गया है।
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