वाराणसी में तैयार डीआरडीओ अस्पताल का अपोलो से करार, तीसरी लहर से निपटने की तैयारी शुरू
कोरोना संकट काल में मरीजों की सुविधाओं के लिए बने वाराणसी में बने डीआरडीओ अस्पताल का अपोलो अस्पताल से करार हो गया है। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण दर कम होने के साथ ही वाराणसी में तीसरी लहर से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
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कोरोना संकट काल में मरीजों की सुविधाओं के लिए वाराणसी में बने डीआरडीओ अस्पताल का अपोलो अस्पताल से करार हो गया है। अब अपोलो की सुविधाओं, संसाधनों के साथ पर प्रयोगों का लाभ बीएचयू के अस्थायी अस्पताल को मिलेगा। एक महीने में वाराणसी में 35 एचएफएनसी भी बढ़ गया है।
कोविड प्रभारी और एमएलसी एके शर्मा ने बुधवार को सर्किट हाउस में तीसरी लहर की आशंका से पहले तैयारी और वर्तमान कोरोना संकट के बीच किए गए कामों की जानकारी साझा की। एके शर्मा ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण दर कम होने के साथ ही वाराणसी में तीसरी लहर से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
इसके लिए बीएचयू, स्वास्थ्य विभाग के साथ सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम गठित होगी। यह टीम भविष्य की जरूरतों के साथ तीसरी लहर से निपटने के लिए सलाहों पर काम करेगी। बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र होने के कारण प्रधानमंत्री कार्यालय ने वाराणसी की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया।
पीएमओ की निगरानी से बेहतर हुआ काम
अब तीसरी लहर की आशंका में बच्चों पर प्रभाव की बात कही जा रही है। ऐसे में कुछ अस्पतालों को बच्चों के हिसाब से विकसित करने की तैयारी है। इसमें एक्सपर्ट टीम अध्ययन के आधार पर सुझाव भी देगी। काशी कोविड कमांड सिस्टम ने संक्रमण की रोकथाम के लिए बहुत अच्छा काम किया।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि डीआरडीओ के अस्पताल का अपोलो हास्पिटल से करार हुआ है। इसमें प्रशिक्षण आदि के साथ नए प्रयोगों का लाभ यहां मिलेगा। कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के दौरान 54 एचएफएनसी था, अब उसमें 35 का इजाफा हो गया है।
उन्होंने बताया कि आरएनए मशीन लगने से अब 10 हजार सैंपल की जांच की जा रही है। पीएमओ की निगरानी के चलते प्रतिदिन 700 रेमडेसिविर उपलब्ध हुआ और अस्पतालों में बेड की सुविधा के चलते अब आसपास के जिलों को भी लाभ मिल रहा है।
बनारस के 8 सीएसची भी अत्याधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
वाराणसी डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि जिले के आठ सीएचसी में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए गए हैं। 24 घंटे यहां सुविधाएं मिल रही है और सीएचसी प्रभारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गांवों में टीम अब तक 70 हजार लक्षण वाले मरीजों को दवा किट पहुंचाई गई है। सीएसआर और लोगों की मदद से आक्सीजन प्लांट से लेकर बहुत सुविधाएं मुहैया हो पाईं।